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ठंड में आग तापते लोग। फाइल फोटो
प्रभात रंजन, पटना। राज्य भर में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। ज्यादातर शहरों में सूर्यदेव के दर्शन नहीं हो रहे हैं। ओस की बूंदें रिमझिम वर्षा की तरह पड़ रही हैं। फिलहाल इससे राहत की उम्मीद भी नहीं है। मौसम विज्ञानी संजय कुमार के अनुसार इस बार ला नीना का प्रभाव देखा जा रहा है। इससे सर्दी में बढ़ोतरी हुई है।
उत्तरी ध्रुव के ऊपर बनने वाली ध्रुवीय ठंडी हवाओं के घेरे (Polar vortex) में दरार पड़ी है। इससे बेहद ठंडी हवाएं आने से सर्दी में बढ़ोतरी हुई है। फरवरी तक ला नीना का प्रभाव देखने को मिलेगा।
इसके कारण फरवरी तक कड़ाके की ठंड पड़ने के आसार हैं। La Niña के कारण पश्चिमी विक्षोभ यानी बर्फीली हवा को मजबूती मिलेगी। इससे उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में ठंडी हवाएं चलने के साथ कोहरे और धुंध की स्थिति अधिक दिनों तक बनी रहेगी।
10 सालों की तुलना में अधिक ठंड
विश्व मौसम विज्ञान संगठन के मुताबिक इस वर्ष की सर्दी बीते 10 वर्षों की तुलना में अधिक होगी। मौसम विज्ञान केंद्र पटना ने भी जनवरी के मौसम का पूर्वानुमान जारी करते हुए बताया कि इस बार राज्य के पश्चिम भाग में शीतलहर का प्रभाव सामान्य से अधिक होगा। न्यूनतम तापमान भी सामान्य से कम रहने के साथ ठंड में वृद्धि की संभावना है।
जनवरी में पटना का अधिकतम तापमान 14.0 से 20.0 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। यह बीते वर्षों की तुलना में काफी कम है। पटना के न्यूनतम तापमान की बात करें तो यह पांच से 10 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है।
हवा की गति के कारण बदलता है तापमान
राज्य के अलग-अलग जिलों के तापमान में उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी हुई है। मौसम विभाग के अनुसार तापमान में बदलाव का मुख्य कारण उत्तरी भारत के पहाड़ी इलाकों (हिमालय) में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और वहां से आने वाली बर्फीली ठंडी पछुआ हवा है। खासकर घने कोहरे और रात के साफ आसमान के कारण तापमान में तेजी से गिरावट आती है। इसके कारण कोल्ड-डे और Cold Wave की स्थिति बनती है।
मौसम विज्ञानियों के अनुसार हवा की गति कम होने के कारण ठंडी हवाएं एक जगह स्थिर हो जाती हैं और हवा का प्रभाव बढ़ जाता है। जिससे भी तापमान में गिरावट आने के साथ ठंड में वृद्धि होती है।
वायुमंडल के ऊपरी हिस्सों पर नौ से 16 किमी की रफ्तार से सक्रिय जेट स्ट्रीम यानी ठंडी हवाओं का समूह बनने के साथ इसे मैदानी इलाकों तक लाने में मदद करती है। इस कारण कई जिलों के तापमान में उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी रहती है। तापमान अपने सामान्य से काफी नीचे चला जाता है।
बीते 10 वर्षों में पटना का जनवरी में तापमान
वर्ष अधिकतम तापमान (°C) तिथि न्यूनतम तापमान (°C) तिथि
2026
19.6
2 जनवरी
8.2
1 जनवरी
2025
27.0
31 जनवरी
9.1
22 जनवरी
2024
24.3
31 जनवरी
5.5
22 जनवरी
2023
28.1
25 जनवरी
5.5
17 जनवरी
2022
25.7
20 जनवरी
6.6
11 जनवरी
2021
28.8
7 जनवरी
3.4
31 जनवरी
2020
25.6
17 जनवरी
7.6
14 जनवरी
2019
24.6
1 जनवरी
6.6
3 जनवरी
2018
25.3
24 जनवरी
4.7
5 जनवरी
2017
28.0
26 जनवरी
4.8
14 जनवरी
2016
27.6
7 जनवरी
4.8
23 जनवरी
1 से 9 जनवरी तक का तापमान
तिथि (जनवरी 2026) अधिकतम तापमान (°C) न्यूनतम तापमान (°C)
9 जनवरी
15.0
9.5
8 जनवरी
16.2
9.1
7 जनवरी
16.2
9.8
6 जनवरी
16.7
8.7
5 जनवरी
16.7
9.6
4 जनवरी
14.5
10.6
3 जनवरी
14.4
10.8
2 जनवरी
19.6
9.0
1 जनवरी
19.3
8.2
नोट: सबसे अधिक अधिकतम तापमान 1 और 2 जनवरी को (19.3°C और 19.6°C) देखा गया। सबसे कम न्यूनतम तापमान 1 जनवरी को 8.2°C दर्ज किया गया। 3-4 जनवरी को तापमान में गिरावट आई, फिर 5-9 जनवरी तक स्थिर रहा। |
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