सांकेतिक तस्वीर।
जागरण टीम, आगरा। कानपुर में हुए सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने मूलरूप से सुल्तानपुर निवासी एसीपी पनकी शिखर को लाइन हाजिर करने के साथ भीमसेन के चौकी प्रभारी आगरा निवासी दिनेश कुमार को निलंबित कर दिया।
पीड़िता के तीन दिन बाद हुए मजिस्ट्रेटी बयान, आरोपित दारोगा को नहीं तलाश पाई पुलिस
कानपुर के सचेंडी के एक गांव की किशोरी सोमवार देर शाम लापता हो गई थी। उसने बताया था कि दो लोग काले रंग की स्कार्पियो में जबरन बैठाकर दो किमी तक घुमाते हुए झांसी रेलवे लाइन के पास ले जाकर कार में सामूहिक दुष्कर्म करने के बाद घर के पास फेंक गए। पीड़िता का भाई भीमसेन चौकी पहुंचा तो भगा दिया गया। पुलिस अधिकारियों के पास पहुंचने पर मंगलवार को मुकदमा दर्ज हुआ, लेकिन सामूहिक दुष्कर्म व पाक्सो की धारा नहीं लगाई गई।
सचेंडी में सोमवार रात दोनों आरोपितों ने किशोरी को स्कॉर्पियो से अगवा कर किया था दुष्कर्म
शुक्रवार को पुलिस आयुक्त व संयुक्त पुलिस आयुक्त अपराध एवं मुख्यालय विनोद कुमार सिंह ने घटनास्थल, सचेंडी थाना व भीमसेन चौकी का निरीक्षण किया। निरीक्षण और जांच के दौरान एसीपी और चौकी प्रभारी की भी लापरवाही मिली। वहीं, मुकदमा दर्ज होने के तीन दिन बाद पुलिस ने पीड़िता के मजिस्ट्रेटी बयान कराए, जहां उसने आधे घंटे में मजिस्ट्रेट के सामने आरोपित शिवबरन व निलंबित दारोगा अमित मौर्या की हैवानियत बयां की।
बयान के बाद पीड़िता को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश करने के बाद पुलिस सुरक्षा में घर छोड़ा गया। पीड़िता की सुरक्षा के लिए उसके घर के बाहर 24 घंटे दो पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। घटना के बाद से फरार निलंबित दारोगा अमित को पुलिस नहीं तलाश पाई है। |
|