LHC0088 • 2 hour(s) ago • views 745
स्वजन को समझाते पुलिसकर्मी।
जागरण संवाददाता, मैनपुरी। प्रसव के 15 दिन बाद आगरा के निजी अस्पताल में 34 वर्षीय प्रसूता की मंगलवार देर रात मृत्यु हो गई। उसे मैनपुरी के निजी अस्पताल में प्रसव के बाद तबियत बिगड़ने पर आगरा भर्ती कराया गया था। बुधवार सुबह साढ़े आठ बजे स्वजन ने नगर के कचहरी रोड स्थित इसी अस्पताल के बाहर शव रख हंगामा शुरू कर दिया।
उन्होंने डॉक्टर और स्टाफ पर गलत इलाज का आरोप लगाकर कार्रवाई की मांग की। सूचना पर पहुंचे सीओ सिटी ने करीब दो घंटे तक चले हंगामे के बीच गुस्साए स्वजन को समझाकर शांत कराया। पुलिस ने शव मोर्चरी पर रखवाकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
दो घंटे तक चला हंगामा, स्वजन ने डॉक्टर और स्टाफ पर की कार्रवाई की मांग
कोतवाली क्षेत्र के गांव राधा नगर निवासी प्रदीप कुमार की 34 वर्षीय पत्नी कल्पना गर्भवती थीं। प्रसव पीड़ा होने पर तीन फरवरी को स्वजन ने उन्हें नगर के कचहरी रोड स्थित जीवनधारा हॉस्पीटल में भर्ती कराया। जहां शाम पांच बजे के करीब डॉक्टर द्वारा सिजेरियन प्रसव कराया तो कल्पना ने पुत्र को जन्म दिया। प्रसव के बाद अचानक हालत बिगड़ी तो डॉक्टर और स्टाफ ने कहीं और ले जाने की बात कही। इस पर स्वजन ने उन्हें आगरा के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। आगरा में इलाज के दौरान मंगलवार की देर रात कल्पना की मृत्यु हो गई।
सीओ सिटी ने समझाकर कराया शांत, पोस्टमार्टम के लिए शव मोर्चरी पर रखवाया
गुस्साए स्वजन ने बुधवार सुबह जीवनधारा हॉस्पिटल के सामने शव रखकर हंगामा शुरू कर दिया। इस बीच संचालक और स्टाफ हॉस्पिटल बंद करके भाग गए। मृतका के पति ने आरोप लगाया कि उक्त हॉस्पिटल संचालक द्वारा ऑपरेशन के नाम पर 50 हजार रुपये जमा करा लिए थे। इसके बाद भी डॉक्टर और स्टाफ द्वारा इलाज में की गई लापरवाही के कारण पत्नी की मृत्यु हो गई।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर संभाली स्थिति
सूचना पर सीओ सिटी संतोष कुमार सिंह, कोतवाली प्रभारी फतेह बहादुर सिंह भदौरिया पुलिसबल के साथ मौके पर पहुंचे। जहां उन्होंने करीब दो घंटे तक चले हंगामे के बाद गुस्साए स्वजन को समझाकर शांत कराया और पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी पर भिजवा दिया है।
सीओ सिटी संतोष कुमार सिंह ने बताया कि मृत्यु का कारण जानने के लिए शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। स्वजन की तहरीर मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।  |
|