जागरण संवाददाता, उन्नाव। लखनऊ-कानपुर समेत लंबी दूरी तय करने वाली रोडवेज बसों को पकड़ने के लिए यात्रियों को अब शहर के अंदर सब्जी मंडी स्थित रोडवेज बस स्टाप नहीं आना पड़ेगा। शीघ्र कानपुर-लखनऊ लखनऊ हाईवे पर परिवहन निगम एक सैटेलाइट बस स्टेशन बनाने जा रहा है। इस बस स्टेशन के निर्माण के बाद लंबी दूरी पर चलने वाली रोडवेज बसों का शहर में प्रवेश बंद हो जाएगा। इससे काफी हद तक शहर में जाम की समस्या से छुटकारा मिल जाएगा। एआरएम गिरीश चंद्र वर्मा ने बताया कि इसकी प्रकिया शुरू हो गई है।
शहर के सबसे भीड़भाड़ वाले स्थान सब्जी मंडी के पास स्थापित रोडवेज बस स्टेशन जाम का सबसे बड़ा कारण है। मार्ग संकरा होने व बसों के पूरे दिन चक्कर लगाने से दिनभर रुक-रुककर जाम लगता है। लंबे समय से एक सैटेलाइट बस अड्डे की मांग हो रही थी। अब इसकी प्रकिया तेज हो गई है। एआरएम गिरीश चंद्र वर्मा ने बताया कि डीएम गौरांग राठी ने कानपुर-लखनऊ हाईवे पर दही क्षेत्र में रोडवेज वर्कशाप के पास ही सैटेलाइट बस स्टेशन के लिए जगह का चिह्नांकन किया है। जल्द ही इस पर काम शुरू हो जाएगा।
सैटेलाइट बस स्टेशन बनने से कानपुर-लखनऊ समेत अन्य लंबी दूरी तय करने वाले बसों का यहीं से संचालन होगा। इन बसों के शहर के अंदर प्रवेश न करने से जाम की समस्या से काफी हद तक निजात मिलेगा। बता दें कि सेटेलाइट स्टेशन शहर के मुख्य बस स्टैंड के बाहर, शहर की सीमा के पास बना एक ऐसा बस अड्डा होता है, जो शहर के अंदर ट्रैफिक और भीड़ को कम करने के लिए बनाया जाता है, ताकि लंबी दूरी की बसें शहर के अंदर आए बिना ही यात्रियों को उतार सकें और ले जा सकें, जिससे मुख्य बस अड्डे पर लोड कम हो और शहर के अंदर आवागमन सुगम हो सके। सैटेलाइट बस स्टेशन यात्रियों की सुविधा और यातायात सुगमता को ध्यान में रखकर विकसित किया जाएगा।
यह मिलेंगी सुविधाएं
- टिकट काउंटर व आनलाइन टिकट सहायता
- प्रतीक्षालय, शुद्ध पेयजल, शौचालय, बैठने की समुचित व्यवस्था
- प्रकाश व्यवस्था, सीसी कैमरे, पुलिस चौकी और फायर सेफ्टी सिस्टम
- पार्किंग स्थल, आटो, ई-रिक्शा की सुविधा, दिव्यांग यात्रियों के लिए रैंप
- सूचना बोर्ड, खानपान स्टाल और प्राथमिक चिकित्सा केंद्र
कानपुर-लखनऊ रूट पर चलने वाली बसों के लिए हाईवे के किनारे रोडवेज वर्कशाप के पास सैटेलाइट बस स्टेशन बनाया जाएगा। इससे इस रूट पर चलने वाली बसें यहीं खड़ी हो सकेंगी। शहर के अंदर बसों के न जाने से जाम की समस्या से भी निजात मिलेगा।
गिरीश चंद्र वर्मा, एआरएम |