ओटीएस में लापरवाही पर आठ एसडीओ व 10 जेई को नोटिस।
संवाद सूत्र, अंबेडकरनगर। एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) का दूसरा चरण प्रचार-प्रसार के अभाव में दमतोड़ रहा है। वसूली में तेजी लाने के लिए लापरवाही में आठ एसडीओ को चेतावनी नोटिस, 10 अवर अभियंता अभियंता (जेई) को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। सुबह से शाम तक इक्का-दुक्का उपभोक्ता ही जमा काउंटर पर पहुंच रहे हैं।
वहीं, प्रथम चरण में अकबरपुर, टांडा, जलालपुर, आलापुर डिविजन के बिल जमा करने के लिए लंबी लाइन लग रही थी। प्रथम चरण में ब्याज 100 प्रतिशत व मूलधन में 25 प्रतिशत माफ था। चार जनवरी से दूसरा चरण शुभारंभ हुआ।
अब ब्याज सौ प्रतिशत मूलधन में 20 प्रतिशत लाभ मिल रहा। इसके बावजूद भी उपभोक्ता बिजली बिल चुकता करने से कतरा रहे हैं। दूसरे चरण में छह दिन बीत गए, लेकिन अब तक तीन हजार उपभोक्ताओं ने पंजीयन करवाया है।
चारों डिवीजन से जुड़े चार लाख 30 उपभोक्ता हैं। इसमें से 84 हजार उपभोक्ता ऐसे हैं, जो कनेक्शन लेने के बाद एक बार भी बिल नहीं जमा किया है। एक लाख 21 हजार लंबे समय से बिल नहीं देने वाले बिजली के बड़े बकायेदार सूची में शामिल हैं। 1,500 उपभोक्ता बिजली चोरी के हैं।
41 विद्युत उपकेंद्र समेत 80 बिजली बिल जमा काउंटर संचालित हैं। अवर अभियंता, एसडीओ, लाइनमैन हर दिन 40 से 50 गांवों में शिविर लग रहे हैं।
अधीक्षण अभियंता रजनीश श्रीवास्तव ने बताया कि लापरवाह कर्मचारियों को नोटिस जारी की जा रही है। दूसरे चरण में लक्ष्य तक योजना का लाभ पहुंचाया जाएगा, इसका प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। |