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Jharkhand Assembly: 63 अधिकारियों की सेवा अटकी, 6-6 महीने से वेतन लंबित; सरकार ने मांगे 3 महीने

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झारखंड विधानसभा बजट सत्र में नगरपालिका अधिकारियों की सेवा संपुष्टि, वेतन विसंगति सहित कई महत्वपूर्ण घोषणा। (फोटो: संजय सुमन)



राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड विधानसभा के बजट सत्र में बुधवार को प्रश्नकाल के दौरान निरसा विधानसभा सीट से भाकपा माले के विधायक अरुप चटर्जी ने वर्ष 2021 में सातवीं, आठवीं व नौवीं जेपीएससी में नियुक्त झारखंड नगर पालिका सेवा के 63 अधिकारियों की सेवा नियमावली का मामला उठाया।

उन्होंने सदन को बताया कि नियुक्त सभी 63 अधिकारियों की सेवा नियमावली अब तक अधिसूचित नहीं होने से इनकी सेवा संपुष्टि नहीं हो पाई है। इसके कारण अधिकारियों को नियमित वेतन भुगतान नहीं हो पा रहा है।

इनका वेतन नगर निकायों के अलावा आय, आंशिक रूप से ऋण व अनुदान के माध्यम से किया जा रहा है। इसका असर यह हो रहा है कि कई बार छह-छह महीने तक वेतन लंबित रहने के साथ इन अधिकारियों का अब तक जीपीएफ खाता तक नहीं खोला गया है।
तीन महीने में बनेगी नियमावली

सरकार की ओर से मंत्री सुदिव्य कुमार ने सदन को आश्वस्त किया कि नियमावली प्रक्रियाधीन है और तीन महीने के भीतर इसका गठन कर लिया जाएगा। इसके बाद अधिकारियों की सेवा संपुष्टि और वेतन से जुड़ी विसंगतियों को दूर कर दिया जाएगा।

विधायक ने बताया कि नियमावली अधिसूचित नहीं होने के कारण:

  • 63 अधिकारियों की सेवा संपुष्टि नहीं हो पाई है
  • नियमित वेतन भुगतान नहीं हो रहा
  • छह-छह महीने तक वेतन लंबित रहता है
  • अब तक जीपीएफ खाता भी नहीं खुल पाया है
  • वेतन भुगतान नगर निकायों की आय, ऋण और अनुदान के माध्यम से किया जा रहा है

मोटरयान निरीक्षक के पद पर नवसृजित 21 पदों पर जल्द होगी बहाली

मंत्री दीपक बिरुआ ने सदन को बताया कि वर्तमान में मोटरयान निरीक्षक का एक भी पद रिक्त नहीं है। 16 जनवरी 2026 को परिवहन निदेशालय के अंतर्गत मोटरयान निरीक्षक के अतिरिक्त 21 पदों का सृजन किया गया है। इन 21 पदों पर भी जल्द ही बहाली होगी।

मंत्री दीपक बिरुआ ने सिंदरी के भाकपा माले विधायक चंद्रदेव महतो के सवाल के जवाब में सदन को यह जानकारी दी। चंद्रदेव महतो ने एमवीआइ के पद पर रिक्तियों का मामला उठाया था और कहा था कि इस पद पर नियमित नियुक्ति के स्थान पर संविदा या सेवानिवृत्त कर्मियों से कार्य लिया जा रहा है।
30 दिनों में टेंडर निष्पादित नहीं हुए तो किए जाएंगे रद

मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने सदन में बताया कि अगर 30 दिनों के भीतर टेंडर निष्पादित नहीं हुए तो उन्हें रद कर सरकार अन्य प्रक्रिया में जाएगी। झामुमो के विधायक हेमलाल मुर्मू के सवाल पर मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने सदन को यह आश्वासन दिया।

विधायक हेमलाल मुर्मू ने सदन में सवाल उठाया था कि सरकार के आदेश के बाद ग्रामीण सड़कों व पुलों का वर्ष 2024-25 का निविदा रद नहीं हुआ, क्योंकि विभाग में ग्रामीण कार्य विभाग के अंतर्गत मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के अंतर्गत बड़ी संख्या में निविदा का प्रकाशन हुआ था। उसका लंबे समय के बाद भी निष्पादन नहीं हुआ था।
वित्तीय उपलब्धता पर ही बढ़ेगी ग्राम सेतु योजना में पुल निर्माण की राशि

मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने सदन को बताया कि ग्राम सेतु योजना के तहत पुल निर्माण के लिए विधायक के अनुशंसा के आलोक में अधिकतम 10 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी जाती है। अगर वित्तीय उपलब्धता रही तो उसके आधार पर इस राशि में बढ़ोतरी हो सकती है।

बरकट्ठा से भाजपा के विधायक अमित कुमार यादव के प्रश्न के उत्तर में मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने सदन को यह जानकारी दी थी। विधायक ने सदन में कम राशि के चलते पुल का निर्माण कार्य पूरा नहीं होने का मुद्दा उठाया था।

उन्होंने कहा कि कभी-कभी पुल की लंबाई ज्यादा होने के कारण 10 करोड़ रुपये की राशि कम पड़ जाती है, जिससे योजना की स्वीकृति में कठिनाई होती है।
चापाकल मरम्मत नहीं होने पर होगी पदाधिकारियों पर कार्रवाई

मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने सदन को आश्वस्त किया कि राज्य में जहां भी चापाकल खराब हैं, उनकी मरम्मत का कार्य तेजी से चल रहा है। मरम्मत कार्य नहीं होने की सूचना दें। काम नहीं करने वाले पदाधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई होगी।

सारठ विधानसभा सीट पर झामुमो के विधायक उदय शंकर सिंह के प्रश्न के जवाब में मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने यह जानकारी सदन को दी। विधायक ने सवाल उठाया था कि चापाकलों की मरम्मती के लिए आवंटित की गई राशि में पाइप का प्रविधान नहीं किया गया है।

इसके चलते खराब पड़े चापाकलों की मरम्मती में कठिनाई होती है। इसपर मंत्री ने आश्वस्त किया कि पाइप के लिए भी राशि मुहैया कराई जाएगी।
विधानसभा में उठे प्रमुख मुद्दे एक नजर में

  •     63 नगरपालिका अधिकारियों की सेवा संपुष्टि का मामला
  •     मोटरयान निरीक्षक के 21 नए पद सृजित
  •     30 दिन में टेंडर निष्पादन अनिवार्य
  •     ग्राम सेतु योजना में राशि बढ़ाने की संभावना
  •     चापाकल मरम्मत में लापरवाही पर कार्रवाई


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