शाला में शिक्षक पढ़ाते हुए (प्रतीकात्मक चित्र)
डिजिटल डेस्क, भोपाल। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आ रही है। स्कूल शिक्षा विभाग ने शिक्षकों को चतुर्थ समयमान-क्रमोन्नत वेतनमान देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक इसका प्रस्ताव आगामी कैबिनेट बैठक में रखा जाएगा। मंजूरी मिलते ही प्रदेश के करीब सवा लाख शिक्षकों को इसका सीधा लाभ मिलेगा, जो वर्तमान में तृतीय समयमान पर कार्यरत हैं।
3 से 5 हजार रुपये का मासिक नुकसान होगा पूरा
चतुर्थ समयमान से वंचित शिक्षकों को अब तक हर महीने तीन से पांच हजार रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा था। आदेश जारी होने के बाद यह राशि उनके मासिक वेतन में जुड़ जाएगी। इस वेतनमान का लाभ 35 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके शिक्षक, व्याख्याता, प्राचार्य, अध्यापक और सहायक संचालकों को मिलेगा।
पहले ही मिल चुका है कुछ संवर्गों को लाभ
स्कूल शिक्षा विभाग इससे पहले सीधी भर्ती से आए व्याख्याता और प्राचार्यों को चतुर्थ समयमान वेतनमान दे चुका है। अब पदोन्नति की पात्रता रखने वाले शेष सवा लाख कर्मचारियों को इसका लाभ देने की तैयारी है।
मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद तेज हुई प्रक्रिया
गौरतलब है कि शिक्षक संगठनों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात कर यह मांग उठाई थी। इसके बाद मुख्यमंत्री ने 5 सितंबर, शिक्षक दिवस के अवसर पर चतुर्थ समयमान-क्रमोन्नत वेतनमान देने की घोषणा की थी। पिछले चार माह से शिक्षक इसके आदेश का इंतजार कर रहे हैं।
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कैबिनेट से मंजूरी के बाद होगा आदेश जारी
मप्र शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष क्षत्रवीर सिंह राठौर के अनुसार लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा प्रस्ताव तैयार किया गया था, जिसे सामान्य प्रशासन और वित्त विभाग की स्वीकृति मिल चुकी है। इसके बाद स्कूल शिक्षा मंत्री का अनुमोदन भी हो गया है। फिलहाल प्रस्ताव मुख्य सचिव के पास है और सभी दस्तावेजी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। अब इसे कैबिनेट बैठक में पेश किया जाएगा। |
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