search

झारखंड के गरीबों की थाली तक नहीं पहुंची दाल, दलालों ने टेंडर में फंसाया पेच

cy520520 Yesterday 09:26 views 967
  

झारखंड में गरीबों को एक रुपये प्रति किलो चना दाल उपलब्ध कराने को लेकर जारी टेंडर दलालों के चंगुल में उलझकर रह गया है।



आशीष झा, रांची। झारखंड में गरीबों को एक रुपये प्रति किलो चना दाल उपलब्ध कराने को लेकर जारी टेंडर दलालों के चंगुल में फंसकर पूरी तरह से उलझ गया है।

फैसला नहीं होने अभी तक दाल आपूर्ति के लिए किसी कंपनी को टेंडर नहीं मिला है। टेंडर में जिन दो कंपनियों को एल-1 एवं एल-2 की उपलब्धि हासिल हुई उन पर गंभीर आरोप हैं।

दोनों कंपनियों ने केंद्रीय उपक्रमाें के कैटलाग के आंकड़ों को चाेरी कर टेंडर पेपर भरा और इसकी पुष्टि पेपर
भरने के समय से होती है। वी केयर सीड्स ने केंद्रीय उपक्रम के कैटलाग को चोरी से इस्तेमाल किया।

मामले में प्राथमिकी नहीं कर कंपनियों का चयन कर लिया गया। वी केयर सीड्स ने 160.46 करोड़ रुपये में चना दाल आपूर्ति के लिए टेंडर भरा जबकि आनंदेश्वर एग्रो फूड प्राइवेट लिमिटेड ने 160.65 करोड़ रुपये का दर कोट किया।

इस कारण से वी केयर को एल-1 का दर्जा मिला। ज्ञात हो कि गरीब परिवारों को प्रति माह एक रुपये प्रति किलो की दर पर चना दाल उपलब्ध कराने की घोषणा राज्य सरकार ने की है। खाद्य आपूर्ति विभाग इसके लिए खुले बाजार से चना दाल लेने को लेकर टेंडर कर चुकी है।
15 कंपनियों ने लिया था भाग

27 सितंबर 2025 को जारी टेंडर के बाद इस प्रक्रिया में कुल 15 कंपनियों ने भाग लिया था। इनमें दों केंद्रीय उपक्रम भी थे। सेंट्रल गवर्नमेंट इम्प्लाइज कंज्यूमर काेपरेशन सोसाइटी लिमिटेड और एनसीसीएफ आफ इंडिया लिमिटेड नामक केंद्रीय उपक्रमों के आंकड़े दो अन्य कंपनियों के टेंडर के साथ अटैच्ड थे।

दाेनों केंद्रीय उपक्रमों ने अभी तक कोई लिखित शिकायत नहीं की है लेकिन पकड़े जाने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं होना भी संदेह को जन्म देता है।  
चना दाल आपूर्ति के लिए एजेंसी के चयन में ये गड़बड़ियां हुईं

टेंडर के माध्यम से एल-1 घोषित कंपनी वी केयर सीड्स ने गलत तरीके से चोरी का कैटलाग (नंबर - 6363552859) इस्तेमाल किया लेकिन प्राथमिकी दर्ज कराने की बजाय इसे काम आवंटित किया गया।

नियमानुसार कोई कंपनी अगर दूसरी कंपनी का कैटलाग चोरी कर इस्तेमाल करती है तो इसके आधार पर एफआइआर होनी चाहिए। चना दाल आपूर्ति के लिए चयनित एजेंसी वी केयर सीड्स ने भारत सरकार की कंपनी एनसीसीएफ के कैटलाग को चोरी कर दर कोट किया।

दोनों कंपनियों का कैटलाग नंबर एक ही है। इसका खुलासा वेबसाइट पर दर्ज समय से ही हो जाता है। एनसीसीएफ ने जहां 21 नवंबर की शाम 5:08 बजे टेंडर भर दिया था वहीं वी केयर सीड्स ने 5:51 पर टेंडर भरा।

ऊपर से दूसरी कंपनी के कैटलाग को गलत तरीके से अपना बताकर अटैच किया। टेंडर पेपर भरने के क्रम में दोनों कंपनियों के बीच 43 मिनट से अधिक का अंतर है।

इंटरनेट मीडिया पर वी केयर सीड्स के मालिक पर एक हजार करोड़ रुपये के आयकर चोरी के मामले में भी पूछताछ होने की सूचना है। हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है।

आनंदेश्वर एग्रो फूड्स प्राइवेट लिमिटेड ने सेंट्रल गवर्नमेंट एम्पाइज कंज्यूमर कोआपरेशन सोसाइटी के कैटलाग (नंबर - 58770170785) का इस्तेमाल कर टेंडर प्रक्रिया में एल-2 पर पहुंच बना ली। यह भी गलत तरीके से चयनित हुई।

कंपनी ने ईएमडी में छूट का लाभ भी उठाया है।इसके लिए नियमानुसार कंपनी का झारखंड में निबंधन होना अनिवार्य होता है। कंपनी झारखंड में निबंधित नहीं है। एमएसएमई में इस कंपनी का नाम भी नहीं है।
like (0)
cy520520Forum Veteran

Post a reply

loginto write comments
cy520520

He hasn't introduced himself yet.

410K

Threads

0

Posts

1410K

Credits

Forum Veteran

Credits
145356

Get jili slot free 100 online Gambling and more profitable chanced casino at www.deltin51.com