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नहीं थम रहा सर्दी का सितम, भागलपुर में दार्जिलिंग से भी अधिक ठंड (PTI)
जागरण संवाददाता, भागलपुर। भागलपुर में सर्दी का सितम जारी है। घना कोहरा और बर्फीली हवा ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। दार्जिलिंग जैसी पहाड़ी इलाके से अधिक ठंड भागलपुर में पड़ रही है। दार्जिलिंग में न्यूनतम तापमान जहां 9 डिग्री रिकार्ड किया गया।
वहीं, भागलपुर में गुरुवार को न्यूनतम तापमान सात डिग्री और अधिकतम तापमान 15.8 डिग्री रिकार्ड किया गया है। अभी सर्दी का सितम जारी रहने की संभावना है। तीन दिनों के बाद धूप निकलने के बाद राहत मिलने का अनुमान जताया जा रहा है। धूप निकलने के बाद न्यूनतम तापमान में वृद्धि होगी।
शहर और देहात में तापमान गिरा
भारत मौसम विज्ञान केंद्र, भागलपुर के मौसम विज्ञानी कुनाल कुमार के अनुसार गुरुवार को शहर का अधिकतम तापमान 15.8 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 7.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
हवा में आर्द्रता 100 प्रतिशत रही और पश्चिमी हवा चार किलोमीटर प्रति घंटा की औसत रफ्तार से चलने के कारण ठंड और बढ़ गई। शहर से सटे सबौर प्रखंड में ठंड और अधिक तीखी रही।
बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर के मौसम विभाग के अनुसार अधिकतम तापमान 16.2 डिग्री और न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। यहां 97 प्रतिशत आर्द्रता और 6.8 किलोमीटर प्रति घंटा की पश्चिमी हवा ने ठंड का असर और बढ़ा दिया।
नेपाल की ठंडी हवा और कमजोर एंटी-साइक्लोन
मौसम विशेषज्ञ बताते हैं कि नेपाल के पहाड़ी इलाकों और इंडो-गंगेटिक मैदानी क्षेत्रों की ठंडी हवाएं भागलपुर तक पहुंच रही हैं। वहीं मध्य भारत में मौजूद एंटी-साइक्लोन इन हवाओं को रोकने में असफल साबित हो रहा है, जिससे तापमान सामान्य से काफी नीचे दर्ज हो रहा है।
पहाड़ों पर कम बर्फ, मैदानी इलाकों में तेज ठंड
हालिया पश्चिमी विक्षोभ के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में केवल ऊंची चोटियों पर हल्की बर्फबारी हुई है। शिमला, कुल्लू, मनाली और मसूरी में अभी भी अच्छी बर्फबारी का इंतजार है।
मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि जनवरी के दूसरे सप्ताह में सक्रिय वेदर सिस्टम आने से निचले इलाकों में बर्फबारी हो सकती है, जबकि मैदानी क्षेत्रों में ठंड की गति बनी रहेगी।
ठंड ने बढ़ाई पशुपालकों की परेशानी
कड़ाके की ठंड का असर सबसे अधिक जनजीवन पर दिख रहा है। मजदूर सुबह के समय काम पर नहीं जा पा रहे हैं। लगातार ठंड पड़ने से सर्दी-खांसी जैसी मौसमी बीमारियां बढ़ रही हैं और आर्थिक गतिविधियां सुस्त पड़ गई हैं। चौक-चौराहों और बाजारों में सन्नाटा पसरा है।
ठंड ने पशुपालकों की भी परेशानी बढ़ा दी है। दुधारू पशुओं का दूध उत्पादन घटा है और उनमें बीमारियां बढ़ रही हैं। सब्जियों की पैदावार भी प्रभावित हो रही है। |
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