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जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। जाफराबाद के चौहान बांगर में बीते 16 दिसंबर को हथियार सप्लायर नदीम और फजील नाम के व्यक्तियों की 50 गोलियां मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले में क्राइम ब्रांच ने मुठभेड़ के बाद दो बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया है। हथियारों के दिल्ली व पड़ोसी राज्यों के सबसे बड़े तस्कर सलीम पिस्टल ने पिछले साल स्पेशल सेल को दिए बयान में नदीम को अवैध हथियार आपूर्ति करने की बात कही थी। नदीम ने पूछताछ में दानिश का नाम बता दिया था जिससे गुस्से में दानिश ने नदीम व उसके भाई की हत्या ही कर दी थी।
...तो बच जाती नदीम और उसके भाई की जान
स्पेशल सेल द्वारा नदीम व दानिश को अगर समय रहते गिरफ्तार लिया गया होता जब हो सकता है नदीम व उसके भाई की जान बच सकती थी। नवंबर व दिसंबर में आया नगर के बाद जाफराबाद में दूसरी ऐसी घटना घटी थी, जिसमें बदमाशों ने 50 गोलियां मारकर राजधानी की कानून व्यवस्था को चुनौती दी थी।
पहले से ही दर्ज हैं दर्जनों मामले
डीसीपी क्राइम ब्रांच के मुताबिक गिरफ्तार किए गए बदमाशों के नाम असद अमीन व मोहम्मद दानिश है। असद अमीन, चौहान बांगर, जाफराबाद का रहने वाला है। उस पर पहले से पांच आपराधिक मामले दर्ज हैं। मोहम्मद दानिश, जाफराबाद का रहने वाला है और उस पर पहले से 25 आपराधिक मामले दर्ज हैं। दोनों कुख्यात गैंग्स्टर हाशिम बाबा गिरोह के शूटर हैं।
डीलिंग के सिलसिले में नदीम का नाम बताया
वारदात वाले दिन 16 दिसंबर को जाफराबाद में दो सगे भाइयों की 50 गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्या को अंजाम देने के बाद दोनों हत्यारे मौके से फरार हो गए थे भाग गए थे। यह हत्या अवैध हथियारों की डीलिंग से जुड़ी बदले की कार्रवाई थी। अगस्त में कुख्यात हथियार तस्कर सलीम पिस्टल को स्पेशल सेल ने गिरफ्तार किया था। जांच के दौरान, सलीम पिस्टल ने अवैध हथियारों की डीलिंग के सिलसिले में नदीम का नाम बताया था।
दो हवलदार के बुलेट प्रूफ जैकेट पर गोलियां लगीं
नदीम ने पूछताछ में पुलिस को दानिश का नाम बता दिया था। तब से दानिश फरार था और नदीम द्वारा उसका नाम बताए जाने का बदला लेने की योजना बना रहा था। आठ जनवरी को क्राइम ब्रांच को दोनों आरोपित के गाजीपुर पेपर मार्केट में आने की सूचना मिली। पुलिस टीम ने जब उन्हें समर्पण करने को कहा तब उन्होंने पुलिस टीम पर गोलियां चला दी। दो हवलदार के बुलेट प्रूफ जैकेट पर गोलियां लगने से वे बाल-बाल बच गए। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दोनों के पैरों में गोलियां लगने से वे घायल हो गए।
हाशिम बाबा गिरोह को देते हैं हथियार
इनके कब्जे से पवाइंट 30 बोर, एक प्वाइंट 32 बोर, एक नाइन एमएम के पिस्टल, 11 कारतूस, छह खोखे व एक स्कूटी बरामद की गई। असद अमीन, हाशिम बाबा गिरोह का मुख्य सदस्य है। 2024 में जीटीबी अस्पताल में हुई फायरिंग की घटना में भी वह शामिल था। मोहम्मद दानिश, हाशिम बाबा गिरोह को हथियार आपूर्ति करता था।
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