search

बच्चों में बढ़ रही है हाई बीपी की समस्या, डॉक्टर से समझें इसके कारण और बचाव के तरीके

cy520520 2025-11-19 14:45:14 views 709
  

बच्चों में क्यों बढ़ रहे हैं हाई बीपी के मामले? (Picture Courtesy: Freepik)



विकास मिश्र, नई दिल्ली। इस सदी की शुरुआत से अब तक बच्चों में उच्च रक्तचाप की समस्या दोगुणी हो चुकी है। कई बच्चों में इसका स्पष्ट लक्षण नहीं दिखता, जिससे यह परेशानी धीरे-धीरे विकराल रूप ले लेती है। युवा अवस्था में प्रवेश से पहले ही वे हार्ट, किडनी और स्ट्रोक जैसी बेहद गंभीर बीमारियों के संभावित शिकार हो जाते हैं।  विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

खराब आहार, निष्क्रियता भरी दिनचर्या और बढ़ता मोटापा बच्चों को उच्च रक्तचाप की मुसीबत में धकेल रहे हैं। लांसेट की हालिया रिपोर्ट की मानें तो दुनियाभर में 11.4 करोड़ बच्चे हाइपरटेंशन की गिरफ्त में आ चुके हैं। जिस तेजी से बच्चों में हाइपरटेंशन बढ़ा है, उससे अभिभावकों और स्वास्थ्य देखभाल तंत्र को तुरंत चेतने की जरूरत है। विशेषज्ञ बताते हैं कि शुरुआत में कुछ बच्चों में रक्तचाप का स्तर तेजी से बढ़ता है, लगभग 14 साल की उम्र में, खासकर लड़कों में, यह चरम स्थिति में होता है।  

इन दौरान नियमित जांच कराने की जरूरत होती है। इस परेशानी के पीछे मुख्य कारण बचपन में बढ़ता मोटापा है, जबकि थोड़े से प्रयास से इसे रोका जा सकता है। रिपोर्ट की मानें तो मोटापा और टाइप-2 डायबिटीज के साथ-साथ इस उम्र में अब अस्थमा और मानसिक सेहत से जुड़ी समस्याओं का भी जोखिम बढ़ता जा रहा है। हमें समझना होगा कि स्वस्थ बच्चे ही एक स्वस्थ युवा के रूप में विकसित होंगे, ऐसे में आहार, व्यायाम जैसी आदतों का विकास बचपन में ही करने की जरूरत है। जिन परिवारों में हाइपरटेंशन की हिस्ट्री रही है, उन्हें बच्चों की सेहत को लेकर विशेष रूप से गंभीर रहने की जरूरत है।

  
बच्चे की हो बीपी व बीएमआइ की जांच

साल 2000 तक उच्च रक्तचाप सिर्फ बुजुर्गों की बीमारी मानी जाती थी, लेकिन बीते दो दशकों में बच्चे - किशोर भी इसकी गिरफ्त में आए हैं। समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो बच्चे युवावस्था में हाइ ब्लड प्रेशर के कारण हृदय और किडनी रोग की चपेट में आ जाएंगे। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं, लेकिन मोटापा और जेनेटिक प्रमुख हैं। मोटापे से ग्रस्त लगभग हर पांचवां बच्चा हाई बीपी से पीड़ित है। इनमें से 50 प्रतिशत को पता ही नहीं होता कि उन्हें बीपी की समस्या है। शहरों में रहने वाले बच्चों में 20 प्रतिशत मोटापे की गिरफ्त में हैं।
क्या हैं वजहें

देर तक मोबाइल टीवी देखना पढ़ाई का अतिरिक्त दबाव, नींद पूरी न करना, फल एवं सब्जियां कम खाना, मीठे पदार्थ, खेलकूद से दूरी और फास्ट- फूड का अधिक सेवन बच्चों में इंसुलिन रेजिस्टेंस और फैटी लिवर की समस्या बढ़ाता है। क्रोनिक किडनी डिजीज, रिफ्लक्स नेफ्रोपैथी, पालिसिस्टिक किडनी डिजीज, हाइपरथायराइडिज्म, कुशिंग सिंड्रोम और जन्मजात एड्रेनल हाइपरप्लासिया भी बच्चों में उच्च रक्तचाप के जोखिम को बढ़ाते हैं । हार्ट डिजीज जैसे को आर्कटेशन आफ आर्टा के साथ स्टेरायड, गर्भनिरोधक गोलियां, नशीली दवाएं और स्लीप एप्निया से भी बच्चे बीपी रोग की चपेट में आ रहे हैं।
संभावित कारण

  • मोटापा और अधिक वजन  
  • खराब दिनचर्या, खराब आहार, नमक का अधिक सेवन  
  • किशोरावस्था में होने वाले परिवर्तन और जांच का अभाव

कैसे करें बचाव

प्रतिवर्ष बच्चों की बीपी और बीएमआई की जांच आवश्यक है, उन्हें संतुलित व पौष्टिक आहार दें, बच्चे को किसी एक आउटडोर एक्टिविटी से जोड़ें। तनाव से बचाने के लिए काउंसलिंग और मेडिटेशन कराएं।

जंक फूड और मीठे पदार्थों से उन्हें दूर रखें। पढ़ाई के लिए अतिरिक्त दबाव न डालें, स्क्रीन टाइम अधिकतम एक घंटा हो, भोजन में नमक कम करें, ताजे फल-सब्जियां खिलाएं, आठ घंटे नींद की आदत डालें। बच्चों को अनावश्यक स्टेरायड न दें। ध्यान रखें कि यदि आपका बच्चा मोटापे की चपेट में है तो युवावस्था में उसे हाइपरटेंशन, टाइप-2 डायबिटीज, दिल का दौरा, स्ट्रोक, खराब कोलेस्ट्राल, फैटी लिवर, स्लीप एपनिया, किडनी रोग और कुछ तरह के कैंसर का खतरा तीन-चार गुणा तक अधिक रहता है।
यह भी पढ़ें- क्यूटनेस के चक्कर में इग्नोर न करें बच्चे की हेल्थ, बढ़ता वजन कम उम्र में बना सकता है उन्हें बीमार
यह भी पढ़ें- बार-बार बीमार पड़ रहा है आपका बच्चा? तो हल्के में न लें, हो सकते हैं 5 खतरनाक कारण
like (0)
cy520520Forum Veteran

Post a reply

loginto write comments

Explore interesting content

cy520520

He hasn't introduced himself yet.

510K

Threads

0

Posts

1610K

Credits

Forum Veteran

Credits
160858