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जागरण संवाददाता, कानपुर। कानपुर में कार से अगवाकर किशोरी को दरिंदगी का शिकार बनाया। इस मामले ने खाकी को भी शर्मसार कर दिया है। इस मामले में एक पुलिसकर्मी भी शामिल है। जबकि थाना प्रभारी ने तहरीर बदलवाई।
कार से अगवा कर किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म के आरोपित खुद को पत्रकार बताने वाले यूट्यूबर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। घटना में जिस पुलिसकर्मी का नाम सामने आ रहा था, वह दारोगा अमित मौर्या निकला और सचेंडी थाने में तैनात था। मुकदमे में नाम जोड़ते हुए उसे निलंबित कर दिया गया है। वह फरार है और उसकी तलाश के लिए चार टीमें लगाई गई हैं। पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने मामले में लीपापोती और पीड़िता के परिवार से तहरीर बदलवाने पर थाना प्रभारी विक्रम सिंह पर कार्रवाई करते हुए निलंबित कर दिया है।
मुकदमे में मेडिकल और बयान के आधार पर पाक्सो और सामूहिक दुष्कर्म की धारा बढ़ाई गई है। इसी मामले में डीसीपी पश्चिम दिनेश त्रिपाठी को हटाकर कम महत्व वाला पद देते हुए मुख्यालय में तैनाती दी गई है। कानून व्यवस्था में कमियां देखते हुए डीसीपी सेंट्रल श्रवण कुमार सिंह भी हटाए गए हैं।
ये था पूरा मामला
किशोरी सातवीं की छात्रा है। भाई ने बताया कि सोमवार देर शाम वह नित्यक्रिया के लिए घर से कुछ दूर गई थी। कई घंटे बाद भी नहीं लौटी तो तलाश की गई। देर रात वह रोते हुए लौटी और बताया कि दो लोगों ने काले रंग की स्कार्पियो कार में जबरन बैठा लिया और दो किमी तक घूमते रहे। रास्ते भर उससे छेड़खानी की। झांसी रेलवे लाइन के पास ले जाकर कार में ही सामूहिक दुष्कर्म कर घर के पास फेंककर भाग निकले। दोनों में एक पुलिसकर्मी भी था।
चौकी से भगा दिया पीड़िता के भाई को
पीड़िता का भाई भीमसेन चौकी पहुंचा तो भगा दिया गया। वह पुलिस अधिकारियों के पास पहुंचा तो मंगलवार रात मुकदमा दर्ज हुआ। सामूहिक दुष्कर्म और पाक्सो की धारा नहीं लगाई गई। बुधवार को मामले ने तूल पकड़ा तो पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल तक पहुंचा ने एडीसीपी पश्चिम कपिलदेव सिंह से जांच कराई। एडीसीपी और फोरेंसिक टीम ने पीड़िता के बयान लिए और घटनास्थल रेलवे लाइन के पास जांच की।
पुलिस आयुक्त ने ये कहा
पुलिस आयुक्त ने बताया कि दुष्कर्म के चंद्रहंसपुर निवासी आरोपित यूट्यूबर शिवबरन यादव को गिरफ्तार कर लिया गया है। दूसरा आरोपित दारोगा अमित मौर्या है, जो फरार है। तथ्यों से छेड़छाड़ करने व अधिकारियों को स्थिति की जानकारी न देने पर इंस्पेक्टर विक्रम सिंह को निलंबित कर दिया गया है। दीनानाथ मिश्र को गुजैनी थाने से सचेंडी भेजा गया है। वहीं जनशिकायत प्रकोष्ठ के तैनात राजन शर्मा को गुजैनी भेजा गया है। शिवबरन आर्म्स एक्ट और डीजल-पेट्रोल की कालाबाजारी में जेल जा चुका है। |
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