जिला कोर्ट 26 को सुनाएगी सजा, जेल भेजा। प्रतीकात्मक
जागरण संवाददाता, नैनीताल। जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रशांत जोशी की कोर्ट ने मामुली विवाद में लिव इन पार्टनर की गला दबाकर हत्या मामले में मुस्लिम धर्म छिपाकर दोस्ती करने वाले अभियुक्त को हत्या का दोषी करार दिया है। कोर्ट अभियुक्त की सजा पर सुनवाई 26 फरवरी को करेगा।
कोर्ट के निर्णय के बाद अभियुक्त को जेल भेज दिया गया। अभियोजन के अनुसार 14 अगस्त 2021 को अभियुक्त ऋषभ तिवारी उर्फ इमरान निवासी मकान नंबर-220 पटेल नगर, गाजियाबाद के अलावा श्वेता शर्मा पुत्री सोमदत्त शर्मा नि-फ्लैट नंबर102, होरीजन होम्स, साई गार्डन नोएडा, एक्शन गौतम बुद्ध नगर, उत्तर प्रदेश के साथ ही अल्मास व दीक्षा सहित चार लोग नैनीताल घुमने आए थे।
उन्होंने मल्लीताल होटल गैलेक्सी में दो कमरे बुक किए, एक कमरे में श्वेता व अलमास व दूसरे कमरे में ऋषभ उर्फ इमरान व दीक्षा ठहरे थे। 16 अगस्त को श्वेता व अलमास ने दीक्षा के मोबाइल नंबर पर कॉल किया। नहीं उठने पर ऋषभ उर्फ इमरान को फोन किया लेकिन स्विच आफ आया। दीक्षा के फोन में घटी जा रही थी लेकिन फोन रिसीव नहीं किया गया।
इसके बाद श्वेता व अलमास ने होटल का दरवाजा खोला तो देखा कि दीक्षा नग्न अवस्था में बेड में पड़ी थी, काफी जोर से चिल्लाने पर कोई जवाब प्राप्त नहीं हुआ, कमरे में लिव इन दोस्त ऋषभ उर्फ इमरान नहीं था, उसका फोन बंद था। इमरान खान का पता मकान नंबर-220 पटेल नगर गाजियाबाद है। पुलिस ने इस मामले में आरोपित ऋषभ उर्फ इमरान के विरुद्ध हत्या का मामला दर्ज करते हुए गिरफ्तार किया।
जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने अभियोजन तथ्यों को साबित करने के लिए 17 गवाह के बयान दर्ज कराए। इसके अलावा केंद्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला की रिपोर्ट सहित अन्य दस्तावेज पेश किए। अभियोजन व बचाव पक्ष की बहस सुनने के बाद जिला जज प्रशांत जोशी की कोर्ट ने अभियुक्त ऋषभ तिवारी उर्फ इमरान को हत्या का दोषी करार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
धर्म छिपाकर की थी दोस्ती
नैनीताल: अभियोजन के अनुसार अभियुक्त इमरान ने धर्म छिपाकर अपना नाम ऋषभ तिवारी रख लिया और दीक्षा के साथ दोस्ती कर लिव इन में रहने लगा। दीक्षा की बेटी की ओर से ओर से बयान देकर बताया था कि ऋषभ का उसके घर में आना जाना था। 12 अगस्त को उसने नैनीताल जाने का प्लान बनाया था। अभियोजन के अनुसार मृतका दीक्षा की 2008 में शादी हुई थी, इसके दो साल बाद पति से तलाक हो गया।
इसके बाद वह पांच साल अन्य युवक के साथ लिव इन में रही थी। ऋषभ उर्फ इमरान के साथ भी लिव इन में रह रही थी। बताया जाता है कि दीक्षा लिव इन में रहने के दौरान पूर्व प्रेमी से बात करती थी, जिस कारण दोनों की अनबन चल रही थी। नैनीताल में इमरान ने दीक्षा के मोबाइल पर पूर्व प्रेमी का मैसेज देख लिया, जिससे झगड़ा हुआ और उसने दीक्षा की गला दबाकर हत्या कर दी।
प्रापर्टी डिलिंग के काम के दौरान इमरान की दीक्षा से मुलाकात हुई थी। दीक्षा जिस कालोनी में रहती थी, वहां अधिकांश परिवार हिन्दू थे, इसलिए इमरान ने अपना नाम बदलकर ऋषभ कर लिया था।
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