वैष्णो देवी महाविद्यालय (फाइल फोटो)
डिजिटल डेस्क, जम्मू। श्री माता वैष्णो देवी कॉलेज की मान्यता रद होने पर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का रिएक्शन सामने आया है। मान्यता रद होने पर जश्न और खुशियां मना रहे लोगों की भी सीएम ने आलोचना की है। मुख्यमंत्री अब्दुल्ला ने मेडिकल कॉलेज के छात्रों के भविष्य को लेकर भी मीडियाकर्मियों से बात की।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि कॉलेज के छात्रों ने नीट एग्जाम क्लियर किया है, उनका मेरिट है, इसलिए अब इन्हें एडजस्ट करना कानूनन हमारी जिम्मेदारी है। हमारी कोशिश रहेगी कि इन छात्रों के घर के सबसे नजदीक जो भी कॉलेज होगा, हम उन्हें सुपर न्यूमरस सीटों के जरिए एडमिशन दिलाएं, यह इसलिए भी ताकि इनकी शिक्षा पर कोई असर न पड़े।
जम्मू में बच्चों का भविष्य क्या होगा: उमर अब्दुल्ला
सीएम उमर अब्दुल्ला ने कहा कि बच्चों को एडजस्ट करना कोई मुश्किल काम नहीं है। लेकिन हमें यह सोचना चाहिए कि बच्चे के भविष्य के साथ जो खिलवाड़ हुआ है, क्या वो ठीक है। उन्होंने कहा कि 50 सीटों में से 40 सीटें अगर मुस्लिम बच्चों को दे भी दी गई तो भविष्य में जब कॉलेज में 400-500 सीटें होती मुमकिन होता कि 250-300 बच्चे जम्मू के भी होते। पूरे देश में छात्र मेडिकल कॉलेज के लिए तरसते हैं। हमें अच्छा-खासा कॉलेज मिला था, जिसे हमने अब बंद करवा दिया। लेकिन लोग इसका जश्न मना रहे हैं।
बता दें कि कमीशन ने न्यूनतम मानकों का पालन न करने का हवाला देते हुए श्री माता वैष्णो देवी मेडिकल कॉलेज की अनुमति वापस ले ली। इस मेडिकल कॉलेज को लेकर विवाद तब शुरू हुआ जब सिलेक्शन लिस्ट में 50 सीटों में से 42 मुस्लिम और सिर्फ सात हिंदू छात्रों के नाम सामने आए।
\“लोगों ने अपने यहां मेडिकल कॉलेज ही बंद करवा दिया\“
हिंदू संगठनों व संघर्ष समिति ने आपत्ति जताते हुए कहा कि माता वैष्णो देवी के भक्तों द्वारा फंडेड कॉलेज में हिंदुओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। सांबा में पत्रकारों से बातचीत करते हुए अब्दुल्ला ने कहा कि संघर्ष समिति मेडिकल कॉलेज बंद होने का जश्न मना रही है। दूसरे देशों में लोग मेडिकल कॉलेज स्थापित करने के लिए लड़ते हैं, लेकिन यहां वे एक कॉलेज को बंद कराने के लिए लड़ रहे हैं। अगर आप बच्चों का भविष्य बर्बाद करके खुश हैं, तो पटाखे फोड़कर जश्न मनाइए। |
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