search

द ओरियंटल इंश्योरेंस कंपनी के शाखा प्रबंधक पर 16.50 लाख का जुर्माना

LHC0088 2026-1-8 06:26:18 views 447
  



जागरण संवाददाता, शामली। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने द ओरियंटल इंश्योरेंस कंपनी के शाखा प्रबंधक पर 16.50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। इंश्योरेंस कंपनी ने मेसर्स सलीम पावरलूम फैक्ट्री का इंश्योरेंस होने के बावजूद आग लगने से हुए नुकसान का क्लेम नहीं दिया था। दायर वाद पर सुनवाई करते हुए आयोग ने बीमा क्लेम की धनराशि मय ब्याज समेत व जुर्माना देने का आदेश किया है।
2021 में दायर किया था वाद

कैराना के मुहल्ला खैल कलां निवासी सलीम अहमद व बिलाल ने 23 नवंबर 2021 को जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में वाद दायर किया था। उन्होंने अवगत कराया कि उनकी मेसर्स सलीम पावर लूम फैक्ट्री का ओरियंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड से साल 2019 में इंश्योरेंस कराया था। इसका लगातार नवीनीकरण कराते रहे।

15 जून 2020 को फैक्ट्री में शाट सर्किट के कारण आग लग गई थी। आग लगने के समय फर्म का क्लोजिंग स्टाक 17 लाख 85 हजार रुपये था। आग लगने के कारण 15 लाख 40 हजार 850 रुपये का माल नष्ट हो गया। इसका क्लेम कंपनी में किया गया। 16 जून 2020 को एक पत्र के माध्यम से इसकी सूचना शाखा प्रबंधक पंजाब नेशनल बैंक को दी थी। सात दिसंबर 2021 को इंश्योरेंस कंपनी ने एक पत्र के माध्यम से दावा क्लेम यह कहते हुए निरस्त कर दिया कि फर्म का पता और दावा की गई फर्म का पता अलग-अलग है।

बताया कि परिवादी अनपढ़ व्यक्ति है, जो कानूनी प्रक्रियाओं से अनभिज्ञ है। लगातार कई सालों से वह फर्म का इंश्योरेंस कराता आ रहा है, तभी से फैक्ट्री उसी पते पर चलती आ रही है। इसके अलावा उनकी कोई फर्म नहीं है। पत्र व्यवहार में फर्म का पता लिखते हैं, उसमें मकान नंबर नहीं लिखते हैं। इस कारण जानबूझकर फर्म का पता इंश्योरेंस पालिसी ने गलत लिखा है। नवीनीकरण पुराने पते पर भी करते आ रहे हैं, इसलिए उनका क्लेम जानबूझकर निरस्त किया गया है।
आयोग का निर्णय

जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष हेमंत कुमार गुप्ता ने सदस्य अमरजीत कौर व अभिनव अग्रवाल की मौजूदगी में निर्णय सुनाया। इसमें आदेश दिए कि बीमा क्लेम की धनराशि 15 लाख 40 हजार 850 रुपये मय नौ प्रतिशत ब्याज की दर से देय होगी।

इसके साथ ही आर्थिक, मानसिक एवं शारीरिक क्षतिपूर्ति के लिए 50 हजार रुपये, 10 हजार वाद व्यय एवं 50 हजार रुपये का अर्थदंड देना होगा। अर्थदंड की संपूर्ण धनराशि राजकोष में जमा करनी होगी। आयोग ने स्पष्ट किया कि निर्धारित 45 दिन के भीतर धनराशि जमा न करने पर उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
like (0)
LHC0088Forum Veteran

Post a reply

loginto write comments
LHC0088

He hasn't introduced himself yet.

510K

Threads

0

Posts

1610K

Credits

Forum Veteran

Credits
164670