नाबालिग से दुष्कर्म करने वाले पर आया कोर्ट का फैसला। सांकेतिक फोटो
जागरण संवाददाता, पानीपत। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश पीयूष शर्मा की पाक्सो एक्ट स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 14 वर्षीय नाबालिग से दुष्कर्म करने वाले दोषी अयाज को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 40 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है, जिसे न भरने पर उसे 2 साल की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
मामला मई 2024 का है, जब चांदनीबाग थाना क्षेत्र में रहने वाली पीड़िता को पेट दर्द की शिकायत हुई। स्वजन द्वारा सेक्टर-12 स्थित एक केंद्र पर अल्ट्रासाउंड करवाने के दौरान पता लगा कि नाबालिग दो माह की गर्भवती है। पीड़िता ने बताया कि सीतापुर उत्तर प्रदेश निवासी अयाज ने घर में अकेला पाकर उसके साथ दुष्कर्म किया और जान से मारने की धमकी देकर चुप रहने को कहा था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए बाल कल्याण समिति के निर्देश पर मेडिकल बोर्ड द्वारा पीड़िता का गर्भपात कराया गया। उम्र को लेकर कोई दस्तावेज न होने पर नागरिक अस्पताल में ओसिफिकेशन हड्डी टेस्ट कराया गया। बाद में यूपी के स्कूल रिकार्ड से भी पीड़िता की उम्र 14 वर्ष होना प्रमाणित हुई।
सरकारी वकील डीडीए मुकेश रंगा ने बताया कि अभियोजन पक्ष ने अदालत में कुल 20 गवाह पेश किए। डीएनए रिपोर्ट और पुख्ता गवाहों के आधार पर अदालत ने अयाज को दोषी करार देते हुए यह सजा सुनाई। |
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