जागरण संवाददाता, गोंडा। ग्राम पंचायत स्तर पर लेखपाल की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए राजस्व परिषद ने कवायद शुरू कर दी है। अब ग्राम पंचायतों में बने पंचायत भवन में अलग से लेखपाल के लिए कक्ष का निर्माण कराया जाएगा। राजस्व परिषद ने गाेंडा समेत अन्य जिलों की 57 हजार 695 ग्राम पंचायतों की दो बिंदुओं पर रिपोर्ट डीएम से मांगी है।
दो बिंदु पर मांगी गई है रिपोर्ट
राजस्व परिषद की प्रभारी अधिकारी अंजू कटियार ने दो बिंदुओं पर पर सूचना मांगी है। पंचायत भवन परिसर में स्थल उपलब्धता के संबंध में क्या सर्वे किया गया है, ग्राम पंचायत एवं हल्का की सीमा एक समान नहीं होती है, मुख्यालय किस प्रकार तय किया जाएगा, इन बिंदुओं पर सूचना मांगी है।
लेखपाल के बैठने से कम होगा विवाद
लेखपाल का कार्यालय ग्राम पंचायत स्तर पर न होने से ग्रामीणों को भटकना पड़ता है। वर्तमान में लेखपाल तहसील में हाजिरी लगाकर चले जाते हैं। संपूर्ण समाधान दिवस व थाना समाधान दिवस में भी उपलब्धता कम रहती है। ग्रामीणों को उनसे मिलने के लिए तहसील का चक्कर लगाना पड़ता है। जमीन से संबंधी विवाद होने पर भी समय से निस्तारण नहीं हो पाता है।
आय, जाति व निवास प्रमाण पत्र बनवाने के लिए भी परेशानी होती है। ग्राम प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष उमापति त्रिपाठी का कहना है कि ग्राम पंचायत स्तर पर लेखपाल के बैठने से गांवों में विवाद कम होंगे। लेखपाल के लिए अलग से कक्ष का निर्माण कराने के लिए हरसंभव सहयोग किया जाएगा।
किस जिले में हैं कितनी ग्राम पंचायतें
| जिला | संख्या | | गोंडा | 1192 | | बहराइच | 1043 | | बलरामपुर | 793 | | श्रावस्ती | 397 | | लखीमपुरखीरी | 1164 | | सुलतानपुर | 979 | | सीतापुर | 1588 | | लखनऊ | 491 | | अंबेडकरनगर | 899 | | हरदोई | 1293 | | अयोध्या | 772 | | अमेठी | 682 | | रायबरेली | 980 |
राजस्व परिषद से पंचायत भवन में लेखपाल के लिए अलग से कक्ष निर्माण को लेकर सूचना मांगी गई है। संबंधित तहसीलों के एसडीएम से रिपोर्ट मांगी गई है।
-महेश प्रकाश, मुख्य राजस्व अधिकारी, गोंडा |
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