संग्रह अमीन।
जागरण संवाददाता, रामपुर। काम में फिसड्डी मिलने और दोपहर में ही घर चले जाने की शिकायत पर तीन संग्रह अमीनों का एक दिन का वेतन रोकने की कार्रवाई पर वह भड़क गए। उन्होंने तहसीलदार के कक्ष में विरोध जताते हुए हंगामा किया। इनमें से एक ने अचानक अपने ऊपर बोतल से पेट्रोल छिड़क लिया। इससे तहसील में हड़कंप मच गया।
इसके बाद अधिकारियों व अन्य कर्मचारियों ने किसी तरह उसे समझा बुझाकर शांत कराया। साथियों ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती करा दिया है। प्रकरण में संबंधित संग्रह अमीन के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
अचानक पेट्रोल छिड़कने और हंगामा करने से मचा हड़कंप
मंगलवार शाम लगभग चार बजे सदर तहसील में तहसीलदार केके चौरसिया के कक्ष में पहुंचे कुछ संग्रह अमीनों ने सोमवार को एक दिन के वेतन की कटौती की प्रक्रिया शुरू किए जाने का विरोध किया। इसको लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई। इसी दौरान अचानक संग्रह अमीन सोमपाल ने अपने साथ बोतल में लाया पेट्रोल अपने ऊपर छिड़क लिया। इसे देखकर वहां हड़कंप मच गया।
सोमपाल जब माचिस निकाल रहा था तभी साथी अमीनों ने उसे पकड़ लिया। इसके बाद अधिकारियों ने भी उसे समझा-बुझाकर शांत कराया। इसी दौरान सीने में दर्द की शिकायत करने पर सोमपाल को जिला अस्पताल भेजा गया जहां उसकी हालत ठीक है।
अधिकारियों व साथी कर्मचारियों ने समझाकर भेजा घर
संग्रह अमीनों का आरोप है कि जरूरत के हिसाब से अमीनों की संख्या आधी से भी कम है। ऐसे में काम का बहुत दबाव है। इसके बावजूद अधिकारी मामूली बात पर कार्रवाई कर रहे हैं। उधर, तहसीलदार ने बताया कि सोमवार को संग्रह अमीनों की कार्यशैली जांची गई थी। इस दौरान पता चला कि शाहबाद से आने वाले तीन संग्रह अमीन सोमपाल सिंह, शिवराज सिंह व राम महेश दोपहर में तहसील आने के एक घंटे बाद ही वापस घर लौट गए।
इस संबंध में तीनों से फोन पर ही स्पष्टीकरण लिया गया। इसके बाद उनके कामकाज की जांच की गई तो राजस्व संग्रह में भी प्रदर्शन बेहतर नहीं पाया गया। इस पर तीनों का एक दिन का वेतन काटने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। इसकी जानकारी मिलने पर सोमपाल व अन्य संग्रह अमीन तहसीलदार से बात करने पहुंचे थे। इसी दौरान दोनों पक्षों में बहस शुरू होने पर सोमपाल अपनी बाइक से पेट्रोल निकाल लाया और अपने ऊपर छिड़क लिया। इसके बाद किसी तरह उसके साथियों ने उसे पकड़कर जिला अस्पताल पहुंचाया।
शासन की मंशानुरूप हर कर्मचारी और अधिकारी को अपनी ड्यूटी के प्रति बेहतर प्रदर्शन करना है। इसमें लापरवाही पाए जाने पर कार्रवाई की जाती है। कार्रवाई को लेकर संबंधित कर्मचारी अपनी बात उच्चाधिकारियों के सामने रखने के लिए स्वतंत्र है। मगर पेट्रोल छिड़ककर अधिकारियों पर दबाव बनाना किसी भी दशा में उचित नहीं है। प्रकरण से उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। वहां से दिशा-निर्देश मिलने के बाद अगली कार्रवाई की जाएगी। कुमार गौरव, उपजिलाधिकारी सदर।
तहसीलों में संग्रह अमीनों की भारी कमी है। उनसे दो-दो क्षेत्रों का काम लिया जा रहा है। रात में खनन की ड्यूटी भी कराई जा रही है। कड़ाके की ठंड में ड्यूटी के बावजूद मामूली गलती पर किसी कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई करना न्यायसंगत नहीं है। संग्रह अमीन सोमपाल हाई बीपी और हृदय रोगी भी है। उसने रात में दो बजे से सुबह सात बजे तक खनन को लेकर ड्यूटी की थी। इसके बावजूद कार्रवाई होने पर उसने अपने ऊपर पेट्रोल छिड़का था। अब उसकी हालत सही है। राजीव कुमार सक्सेना, जिलाध्यक्ष उत्तर प्रदेश राजस्व संग्रह अमीन संघ रामपुर |
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