जागरण संवाददाता, बक्सर। जिला प्रशासन ने कार्यालयों में अनुशासन और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बिहार बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम (बीबीएएस) के माध्यम से दैनिक उपस्थिति दर्ज करना अनिवार्य कर दिया है। इसको लेकर जिला पदाधिकारी साहिला ने सभी कार्यालय प्रधान के नाम आदेश जारी किया है।
इसके तहत सभी कार्यालय प्रधानों को निर्देश दिया गया है कि वे स्वयं तथा अपने अधीनस्थ सभी पदाधिकारियों एवं कर्मियों की बायोमेट्रिक उपस्थिति 15 जनवरी 2026 से अनिवार्य रूप से दर्ज कराना सुनिश्चित करें।
पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी पदाधिकारी या कर्मी द्वारा बायोमेट्रिक अटेंडेंस दर्ज नहीं की जाती है, तो संबंधित तिथि का वेतन अथवा मानदेय काट लिया जाएगा।
पत्र में पूर्व के आदेश का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि पहले भी इस तरह का आदेश दिया गया था कि सभी पदाधिकारियों और कर्मियों का वेतन अथवा मानदेय भुगतान बीबीएएस के माध्यम से दर्ज की गई ससमय उपस्थिति के आधार पर ही किया जाएगा।
बावजूद इसके, प्रशासन को यह जानकारी मिली है कि अभी भी कुछ पदाधिकारी एवं कर्मी नियमित रूप से बायोमेट्रिक अटेंडेंस दर्ज नहीं कर रहे हैं। जिला प्रशासन ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए कड़ी नाराजगी व्यक्त की है।
प्रशासन ने यह भी कहा है कि इस आदेश का कठोरता से अनुपालन कराया जाएगा और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी कार्यालय प्रधानों की यह जिम्मेदारी होगी कि वे अपने-अपने कार्यालयों में बीबीएएस प्रणाली का नियमित उपयोग सुनिश्चित करें। जिला प्रशासन के इस फैसले से कार्यालयों में समयपालन, जवाबदेही और कार्य संस्कृति में सुधार आने की उम्मीद जताई जा रही है।
शिक्षा विभाग में नहीं बनती है बायोमेट्रिक हाजिरी
जिले के शिक्षा विभाग में अभी भी बायोमेट्रिक हाजिरी नहीं बनाई जाती है। वहां पदाधिकारी हों या कर्मी कोई बायोमेट्रिक हाजिरी नहीं बनाते। पूछे जाने पर जिला शिक्षा पदाधिकारी संदीप रंजन ने भी इस आशय की पुष्टि की, जबकि प्रशासन एवं अन्य कई विभागों के कार्यालयों में आज की तिथि में बायोमेट्रिक हाजिरी बनाई जाती है। डीएम के पत्र के बाबत पूछने पर डीईओ ने बताया कि जिलाधिकारी का वह आदेश समाहरणालय के अधिकारी एवं कर्मियों के लिए है। |
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