श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल । फाइल फोटो
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (SKMCH) में स्वास्थ्य व्यवस्था और संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैंं। हड्डी विभाग में भर्ती खरहर के रामबचन झा 2 माह से ऑपरेशन की मशक्कत कर रहे हैं, लेकिन ऑपरेशन करने के बजाय चिकित्सक उन्हें आंदोलन करने की नसीहत दे रहे हैं।
पीड़ित मरीजों का आरोप है कि जब उन्होंने ऑपरेशन में देरी पर गुहार लगाई, तो चिकित्सक ने कहा- धरना-प्रदर्शन करो, अनशन पर बैठो। जिसको वोट दिया है, उससे पैरवी कराओ या कलेक्टर से कहलाओ, तभी ऑपरेशन होगा।
तारीख पर तारीख, पर नहीं मिल रहा इलाज
हड्डी विभाग के वार्ड नंबर चार में भर्ती अनेकों मरीज पिछले 20 दिनों से ढाई महिनों तक ऑपरेशन के इंतजार में बेड पर पड़े-पड़े अन्य रोग से बीमार हो रहे हैं। सीतामढ़ी के रंजीत कुमार, महिंदवारा के दिनेश प्रसाद का कहना है कि उन्हें बार-बार ऑपरेशन की तारीख दी जाती है।
ऑपरेशन थिएटर के बाहर घंटों इंतजार कराया जाता है और फिर कोई न कोई बहाना बनाकर वापस वार्ड में भेज दिया जाता है। इस मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना से तंग आकर जब मरीजों ने चिकित्सक से मिन्नतें कीं, तो उन्हें सिस्टम से लड़ने के लिए उकसाया गया। स्टील राड की स्पलायी नहीं होने के कारण उनका इलाज अधर में है।
जैसे ही यह मामला सामने आया, अस्पताल प्रबंधन में हड़कंप मच गया। मामले को लेकर एसकेएमसीएच प्रशासन ने विभाग से रिपोर्ट तलब की है। अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. सतीश कुमार सिंह ने कहा कि एसओडी डॉ. राकेश कुमार और डॉ. सेराज से बात हुई है।
उन्होंने कहा कि मरीज को आयुष्मान योजना के तहत भर्ती किया गया है, लेकिन स्टील रॉड के लिए आयुष्मान योजना के सप्लायर ने हाथ खड़ा कर दिया, जिसके कारण मरीजों के ऑपरेशन में विलंब हो रहा है। उन्हें हिदायत दी गई है, उम्मीद है कि जल्द ही ऑपरेशन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अशोभनीय टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। शिकायत मिली है, तो जांच कराई जाएगी। |