जागरण संवाददाता, अल्मोड़ा। मुख्यालय से सटे रानीधारा क्षेत्र में लंबे समय से दहशत का कारण बना गुलदार आखिरकार वन विभाग ने पिंजरे में कैद कर लिया गया है। गुलदार के पकड़े जाने से क्षेत्रवासियों ने राहत की सांस ली है। वन विभाग के अनुसार पकड़े गए गुलदार की उम्र लगभग आठ वर्ष बताई जा रही है।
बीते एक माह से रानीधारा और आसपास के इलाकों में गुलदार की लगातार गतिविधियों से लोगों में भय का माहौल बना हुआ था। कुछ दिनों से गुलदार के आबादी वाले क्षेत्रों में दिखने और पालतू पशुओं पर हमले की घटनाएं सामने आ रही थीं।
स्थानीय लोगों की शिकायतों और बढ़ते खतरे को देखते हुए वन विभाग ने पांच दिन पूर्व रानीधारा क्षेत्र में पिंजरा लगाया था। कड़ी निगरानी के बाद गुलदार के पिंजरे में कैद होने से अभियान को सफलता मिली।
वन विभाग के उप वन संरक्षक दीपक सिंह ने बताया कि गुलदार को सुरक्षित रूप से पकड़कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। चिकित्सीय परीक्षण के बाद उसे निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत सुरक्षित वन क्षेत्र में छोड़े जाने या अन्य आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
अल्मोड़ा मुख्यालय और आसपास के गांवों में अब तक कुल छह गुलदार पकड़े जा चुके हैं। लगातार हो रही इन घटनाओं ने मानव-वन्यजीव संघर्ष की गंभीरता को उजागर किया है। वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे सतर्क रहें, रात के समय अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत विभाग को दें। |