कुंडेश्वर शिवमंदिर परिसर में बुनियादी सुविधाओं का होगा विस्तार
जागरण संवाददाता,भोजपुर। जिले के शाहपुर प्रखंड अंतर्गत बिलौटी गांव स्थित प्राचीन कुंडेश्वर (कुंडवा) शिवमंदिर को पर्यटन के नक्शे पर मजबूत पहचान दिलाने की दिशा में जिला प्रशासन ने अहम कदम उठाया है। मंदिर परिसर और आसपास आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए यहां बुनियादी ढांचे के विकास का निर्णय लिया गया है। इसके तहत शुद्ध पेयजल, शौचालय और पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था की जाएगी, जिससे दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सहूलियत मिल सके।
यह निर्णय जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित जिला खनिज फाउंडेशन (डीएमएफ) की बैठक में लिया गया। बैठक में मंदिर के समग्र विकास और आसपास के क्षेत्रों में सुविधाओं के विस्तार पर विस्तार से चर्चा हुई। उल्लेखनीय है कि करीब एक सप्ताह पूर्व कुंडेश्वर शिवमंदिर की प्रबंधन समिति के सदस्यों ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर पेयजल, शौचालय और प्रकाश व्यवस्था की मांग की थी। प्रशासन ने समिति की मांगों को गंभीरता से लेते हुए विकास कार्यों को मंजूरी दी है।
योजना के अनुसार मंदिर परिसर के समीप शुद्ध पेयजल की स्थायी व्यवस्था की जाएगी, ताकि श्रद्धालुओं को स्वच्छ पानी उपलब्ध हो सके। इसके साथ ही सार्वजनिक उपयोग के लिए शौचालय का निर्माण कराया जाएगा। रात्रि के समय सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए हाईमास्ट लाइट भी लगाई जाएगी, जिससे मंदिर और आसपास का क्षेत्र रोशन रहेगा। इन सुविधाओं के विकसित होने से न केवल श्रद्धालुओं को राहत मिलेगी, बल्कि धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
इसी बैठक में शिक्षा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। शाहपुर प्रखंड के चार उच्च विद्यालयों को मॉडल स्कूल के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव स्वीकृत किया गया है। इनमें दियारा उच्च विद्यालय करनामेपुर, हाई स्कूल बरिसवन, हाई स्कूल पहरपुर सहित चार विद्यालय शामिल हैं। इन स्कूलों का चयन नामांकन (एनरोलमेंट) के आधार पर किया गया है।
मॉडल स्कूल के तहत इन विद्यालयों में आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। आवश्यकता के अनुसार पुस्तकालय, विज्ञान प्रयोगशाला, स्मार्ट डिजिटल क्लास रूम, उच्च गुणवत्ता वाले बेंच-डेस्क, ओपन जिम, शुद्ध पेयजल और शौचालय का निर्माण कराया जाएगा। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के छात्रों को बेहतर और आधुनिक शिक्षा का माहौल उपलब्ध कराना है।
जिला प्रशासन का मानना है कि मंदिर परिसर के विकास से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, वहीं मॉडल स्कूलों के निर्माण से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा। इन दोनों पहलों से क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। |