जागरण संवाददाता,श्रीनगर। जम्मू और कश्मीर में यात्री किराए में बदलाव को लेकर असमंजस जारी है, यात्री ज़्यादा किराया देने की शिकायत कर रहे हैं, जबकि सरकार का कहना है कि फिलहाल इस संदर्भ में कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं किया गया है।
गौरतलब है कि पिछले सप्ताह यह कहा गया था कि प्रिंसिपल सेक्रेटरी फाइनेंस संतोष डी. वैद्य की अध्यक्षता वाली किराया संशोधन समिति (एफआरसी )की चर्चाओं के बाद यात्री किराए में 18 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी गई है और कथित तौर पर ये दरें 1 जनवरी 2026 से लागू होनी थीं।
हालांकि, अब तक इस संदर्भ में कोई औपचारिक अधिसूचना जारी नहीं की गई है लेकिन यात्रियों की शिकायत है कि वाहन चालक उनसे 18 प्रतिसत की वृद्धि के हिसब से ही किराया वसूल रहे हैं।मामले को लेकर जहां यात्रियों व वाहन चालकों के बीच बहस व तकरार के मामले सामने आ रहे हैं, वहीं संबंधित अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने अभी तक आधिकारिक तौर पर बढ़ोतरी लागू नहीं की है।
जहांगीर यतू नामक एक यात्री ने कहा, \“मैं ब्रेन निशात से लाल चौक तक 25 रुपये देता था; अब वे 30 रुपये ले रहे हैं। सिर्फ बयान जारी करने से काम नहीं चलेगा। अगर सरकार गंभीर है, तो उसे एक साफ आदेश जारी करना चाहिए। फहीम दुरानी नामक एक और यात्री ने कहा, नारबल से लालचौक तक 15 रुपये किराया था।
लेकिन पहली जनवरी से इस रूट के वाहन चालक हम से 20 रुपये किराया वसूल रहे हैं। दुरानी ने कहा,मामले को लेकर मेरी दे तीन चालकों के साथ बहस भी हो गई। लेकिन वाहन चालक अपनी मनमानी कर रहे हैं। दुरानी ने कहा,अगर किराया बढ़ गया है तो सरकार को इस सिलसिले में फौरन नोटिफिकेशन जारी करनी चाहिए ताकि पैसंजरों का कनफ्यूजन दूर हो जाए। |
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