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Prayagraj Triple Murder: 5 घंटे तक कमरे में बैठ तीन लाशों को ताकता रहा हत्यारोपित मुकेश, बोला- नहीं है कोई पछतावा

Chikheang 5 day(s) ago views 684
  

Prayagraj Triple Murder जमीन विवाद में परिवार के तीन सदस्यों की हत्या करने वाले मुकेश ने अपना गुनाह पुलिस के समक्ष कबूला।



जागरण संवाददाता, प्रयागराज। Prayagraj Triple Murder पिता, बहन और भांजी को मौत के घाट उतारने वाले आरोपित मुकेश कुमार पटेल ने पूछताछ के दौरान पुलिसवालों को जो कुछ बताया, उसे सुनकर पुलिस अधिकारी व कर्मचारी हतप्रभ रह गए। बोला कि दो जनवरी यानी शुक्रवार रात करीब नौ बजे उसका अपने पिता राम सिंह पटेल से बहसा-बहसी शुरू हुई। पिता ने अपशब्द कहते हुए घर से भागने की बात कही, जिस पर उसने पिता को धकेल दिया। वह चारपाई पर गिरे तो उनका गला दबाने लगा।
पिता का दबा रहा था गला, बहन-भांजी भिड़ गईं

Prayagraj Triple Murder पिता का गला दबाता देख वहां मौजूद छोटी बहन संध्या और भांजी आस्था उससे भिड़ गईं। इसके बाद उसने तीनों की कुल्हाड़ी से मारकर हत्या कर दी। देर रात करीब दो बजे तक वह कमरे में ही बैठा रहा और तीनों शवों को ताकता रहा। इसके बाद चादर व कंबल में लाशों को अलग-अलग लपेटते हुए घने कोहरे का लाभ उठाकर शवों को ठिकाने लगा दिया।
बोला- जमीन नहीं दी जा रही थी

Prayagraj Triple Murder मुकेश कुमार ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि उसके पास यहां कोई काम नहीं था। वह दस बिस्वा जमीन इसलिए मांग रहा था कि उसे बेचकर कोई काम करेगा, लेकिन उसे जमीन नहीं दी जा रही थी। दो जनवरी की रात लगभग नौ बजे वह पिता के पास पहुंचा और बोला कि उसे आधी नहीं सिर्फ दस बिस्वा जमीन चाहिए, लेकिन उसकी एक नहीं सुनी।
पिता ने कहा- उसे कुछ नहीं मिलेगा

Prayagraj Triple Murder बार-बार कहते-कहते वह थक चुका था। पिता व भाई कोई नहीं सुन रहा था। उसके पिता ने कमरे से उसे भगाते हुए बोला कि कुछ नहीं मिलेगा। इसके बाद ही उसने पूरी घटना को अंजाम दिया। देर रात शवों को ठिकाने लगाने से पहले वह अकेले घर से निकलकर कुएं तक गया। कोहरा इतना घना था कि पांच फीट तक कुछ नजर नहीं आ रहा था। इसी का उसने लाभ उठाया और तीनों शवों को कुएं में ले जाकर फेंक दिया। किसी की नजर शवों पर न पड़े, इसके लिए ऊपर से पुआल भर दिया था।
सूख चुका है 15 फीट गहरा कुआं

राम सिंह पटेल, साधना और आस्था का शव जिस कुएं में फेंका गया था, वह गांव से बाहर बाग में है। यहीं बगल में राम सिंह का खेत भी है। पांच फीट चाैड़ा और 15 फीट से अधिक गहरा यह कुआं वर्षों से सूखा पड़ा है। मुकेश को शवों को ठिकाने लगाने के लिए इसी कुएं को चुना। सबसे पहले उसने बहन, फिर पिता और आखिर में भांजी के शव को फेंका। किसी की नजर न पड़े, इसके लिए घर से पुआल का पांच ढेर उठाया और उसे खोलकर पूरे कुएं में फेंक दिया। जिससे कुआं पुआल से पट गया।
ग्रामीण बोले, चीखपुकार सुनी थी, हत्या का नहीं था अंदेशा

तिहरे हत्याकांड को लेकर गांव के लोग हतप्रभ हैं। उनकी समझ में नहीं आ रहा है कि आखिर एक बेटा अपने पिता, बहन और भांजी को कैसे मौत के घाट उतार सकता है। तीनों की लाश बरामद होने के बाद आसपास रहने वाले कुछ ग्रामीणों ने बताया कि शुक्रवार रात उन्होंने राम सिंह के घर में लड़ाई झगड़ा होते हुए सुना था। चीख पुकार भी सुनाई पड़ रही थी। लगभग दस मिनट बाद सभी शांत हो गए थे। उस समय यही सोचा था कि आये दिन जमीन को लेकर जो विवाद होता है, उसी को लेकर परिवार फिर लड़ाई झगड़ा करने लगा है, लेकिन इसका अंदेशा जरा भी नहीं था कि मुकेश ने इतनी बड़ी घटना कर डाली है।
जमीन को लेकर अक्सर होता था विवाद

ग्रामीणों ने बताया कि अक्सर मुकेश का अपने पिता व छोटे भाई से जमीन को लेकर विवाद होता था। इधर दो माह से कुछ अधिक ही झगड़ा हो रहा था। शायद ही ऐसा कोई दिन गुजरे जब वह विवाद न करते रहे हों। शुक्रवार रात अचानक नौ बजे एक बार फिर विवाद शुरू हुआ। राम सिंह व मुकेश की आवाज की तेज-तेज चिल्लाने की आवाज आ रही थी। बीच-बीच में साधना की चिल्ला रही थी। दस मिनट तक यह सब होता रहा और फिर सभी चुप हो गए। सर्दी का मौसम था, इसलिए बाहर निकलकर भी नहीं देखा कि क्या हुआ। क्योंकि राम सिंह और उसका परिवार किसी से बातचीत भी नहीं करते थे।
सुबह राम सिंह के घर पर लगा था ताला

दूसरे दिन सुबह राम सिंह के घर पर ताला लगा देखा तो सोचा कि सभी खेत गए होंगे, लेकिन दोपहर तक ताला नहीं खुला और इसी बीच पता चला कि मुकुंद लाल को मुकेश ने गोली मार दी है। इसके बाद इसी में सब उलझकर रह गए। चार जनवरी की सुबह मऊआइमा पुलिस जब घर आई आैर ताला तोड़ा, तब पता चला कि कमरे में खून से सनी शाल पड़ी है। कमरे में खून भी फैला है। इसके बाद ही तीनों की हत्या की आशंका प्रबल हो गई थी।
पत्नी को पुलिस थाने न ले जाती तो भाग जाता हैदराबाद

मुकेश बड़े नाटकीय ढंग से पुलिस के हत्थे चढ़ा। रविवार शाम मऊआइमा पुलिस जब उसकी पत्नी को थाने ले आई तो इसकी जानकारी उसे हो गई। देर शाम वह कचहरी आ गया। रातभर कचहरी के आसपास घूमता रहा। सोमवार दोपहर करीब 12 बजे वह आत्मसमर्पण करना चाहता था, लेकिन इसी बीच किसी ने मुकेश को पहचान लिया और एसओजी को इसकी जानकारी दे दी। एसओजी टीम पहुंची और उसे पकड़ लिया।
करीब डेढ़ घंटे तक पुलिस ने की पूछताछ

उस शहर के एक थाने में ले जाया गया। यहां उससे पूछा गया कि पिता, बहन और भांजी कहां हैं?, जिस पर वह बोला कि उसने तीनों को मार डाला है। पहले तो पुलिसकर्मियों को विश्वास नहीं हुआ, लेकिन दोबारा जब उसने यह बात बाेली तो उच्चाधिकारियाें को जानकारी दी गई। इसके बाद उसे मऊआइमा थाने लाया गया। यहां करीब डेढ़ घंटे तक उससे पूछताछ की गई। वह बोला कि रविवार को उसकी पत्नी को अगर थाने न लाया जाता तो वह रात को परिवार को लेकर हैदराबाद भाग निकलता। शाम को जब उसे पता चला कि उसकी पत्नी को पुलिस थाने ले गई है तो वह परेशान हो गया। वह भाई को गोली मारने के मामले में आत्मसमर्पण कर जेल चला जाता और पिता, बहन व भांजी के गायब होने की कहानी पहेली बन जाती।
तमंचे की फट गई थी नली

जिस तमंचे से मुकुंद लाल को गोली मारी गई थी, उसे पुलिस ने घर के पीछे बने टीनशेडनुमा छप्पर से बरामद किया। तमंचे की नली फटी थी। आरोपित मुकेश ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि दस दिन पहले तमंचा वह बिहार से ले आया था। मुकेश पर जैसे ही उसने फायर किया तमंचे की नली फट गई और गोली मुकुंद लाल के सिर में न लगकर गर्दन को छूते हुए निकल गई थी।
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