संतान सुख की कामना का पर्व सकट छह को
जागरण संवाददाता, लखनऊ: संतान सुख की कामना और समृद्धि का पर्व सकट छह जनवरी को है। इस दिन महिलाएं व्रत रखने के साथ ही प्रथम पूज्य देव श्री गणेश की पूजा अर्चना के साथ ही काले तिल व गुड़ का भोग लगाती हैं।
सकट चौथ (Sakat Chauth) संतान सुख और उनकी लंबी उम्र की कामना का पर्व है, जिसे माघ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है। सकट चौथ भगवान गणेश को समर्पित है, जो संतान पर आने वाले संकटों (सकट) को हरते हैं। इसे तिलकुट चतुर्थी, माघी चौथ, तिलवा चौथ आदि नामों से भी जाना जाता है और इस दिन तिल से बनी वस्तुओं से पूजा कर चंद्र दर्शन के बाद व्रत का पारण किया जाता है।
आचार्य शक्तिधर त्रिपाठी ने बताया कि सकट चौथ के दिन चंद्रमा को अर्घ्य दिया जाता है। माघ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी का मान छह जनवरी को सुबह 8:01 बजे से शुरू होगा और सात जनवरी को सुबह 6:52 बजे तक रहेगा। चंद्र देव को अर्घ्य देकर व्रत का पारण किया जाता है। छह की रात में ही चंद्र देव को अर्घ्य दिया जाएगा।
सात जनवरी को सुबह समापन के साथ ही पंचमी का मान शुरू हो जाएगा और चंद्रोदय पंचमी में होगा। ऐसे में छह को ही व्रत पूजन करना श्रेयस्कर होगा। बाजारों में भी तिल के लड्डू, गजक,लइया के लड्डू की दुकानें सज गई हैं। काले तिल का लड्डू सबसे महंगा है। शकरकंद के साथ ही नए गुड़ का सेवन भी किया जाता है। इसकी भी दुकानें सज गई हैं। |