इन संकेतों को न करें नजरअंदाज (Image Source: AI-Generated)
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब कुंडली में राहु या केतु की स्थिति कमजोर होती है, तो जातक को जीवन में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है और जीवन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। वहीं, राहु-केतु के नाराज पर जातक को कुछ खास संकेत मिलते हैं, जिनको भूलकर भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। आइए आपको इस आर्टिकल में विस्तार से बताते हैं कि राहु-केतु के नाराज होने पर कौन-से संकेत मिलते हैं और किन उपायों (Rahu Ketu Ke Upay) की मदद से उन्हें प्रसन्न किया जा सकता है।
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- अगर आप जॉब में समस्या और धन की कमी का सामना कर रहे हैं, तो इसे राहु-केतु के नाराज का संकेत माना जाता है।
- इसके अलावा मानसिक तनाव की समस्या को राहु-केतु के नाराज होने का संकेत माना जाता है।
- अगर आपके रिश्ते परिवार के लोगों के साथ खराब हो रहे हैं या कोई मनमुटाव चल रहा है, तो राहु-केतु के नाराज हो सकते हैं।
- जीवन में आर्थिक नुकसान का भी सामना करना पड़ सकता है।
ऐसे करें राहु-केतु को प्रसन्न
- अगर आप राहु देव को प्रसन्न करना चाहते हैं, तो आप कन्या के विवाह में गुप्त दान करें। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस उपाय को करने से राहु-केतु प्रसन्न होते हैं और राहु-केतु की बाधा से छुटकारा मिलता है।
- इसके अलावा राहु-केतु के बुरे प्रभाव से मुक्ति पाने के लिए कन्याओं को हलवा, पूरी और दही का भोजन कराएं। ऐसा माना जाता है कि इस उपाय को करने से राहु-केतु के बुरा प्रभाव दूर होता है।
- राहु-केतु को प्रसन्न करने के लिए रोजाना सुबह स्नान करने के बाद भगवान शिव का काले तिल, बेलपत्र और गंगाजल से अभिषेक करें। इस दौरान \“ॐ नमः शिवाय\“ मंत्र का जप करें। ऐसा माना जाता है कि इस उपाय को करने से राहु-केतु दोष का अशुभ प्रभाव दूर होता है।
- गरीब लोगों में काले तिल, काला कंबल, या लोहे की चीजों का दान जरूर करना चाहिए। इससे जातक को शुभ फल की प्राप्ति होती है।
- पक्षियों के लिए दाना और पानी रखें।
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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।  |