फतेहाबाद में कंपकंपाती सर्दी का प्रकोप बढ़ा। सांकेतिक तस्वीर
जागरण संवाददाता, फतेहाबाद। नए साल की शुरुआत के साथ ही ठंड ने अपना तेवर दिखाना शुरू कर दिया है। बुधवार रात की हल्की बूंदाबांदी के बाद तापमान लुढ़क गया, जिससे शीत लहर और तेज हो गई। सुबह ठंडी हवाओं और आसमान में छाए बादलों ने लोगों को कंपकंपी का एहसास कराया। दिन और रात के तापमान में महज आठ डिग्री का फासला रहने से पूरे दिन ठंड का असर बना रहा। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
वीरवार को जिले में अधिकतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिनभर बादल छाए रहे। जिससे बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर आवाजाही कम नजर आई। हल्की बूंदाबांदी से जहां आमजन को ठंड का सामना करना पड़ा, वहीं किसानों के चेहरे पर उम्मीद की झलक दिखाई दी।
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार इस समय हल्की बारिश और ठंड रबी फसलों के लिए लाभदायक मानी जाती है। विशेषकर गेहूं, सरसों और चना की फसलों को इससे फायदा होगा। किसान अब अच्छी बरसात की आस लगाए बैठे हैं, ताकि फसलों की बढ़वार बेहतर हो सके और सिंचाई पर होने वाला खर्च भी कम हो। ग्रामीण क्षेत्रों में सुबह के समय घना कोहरा और ओस की बूंदें फसलों पर जमी दिखाई दीं।
किसानों का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों तक मौसम ऐसा ही बना रहता है तो पैदावार पर सकारात्मक असर पड़ेगा। हालांकि अत्यधिक ठंड या पाला पड़ने की स्थिति में नुकसान की आशंका भी बनी रहती है, जिस पर किसान लगातार नजर बनाए हुए हैं।
ठंड से खांसी, जुकाम व बुखार के मरीज बढ़े
ठंड बढ़ने का असर स्वास्थ्य पर भी साफ दिखाई देने लगा है। जिला नागरिक अस्पताल और निजी क्लीनिकों में खांसी, जुकाम, बुखार और गले में खराश के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। चिकित्सकों का कहना है कि मौसम में अचानक बदलाव और ठंडी हवाओं के कारण लोग वायरल संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं।
डॉक्टरों ने लोगों को गर्म कपड़े पहनने, ठंडे पेय पदार्थों से परहेज करने और बुजुर्गों व बच्चों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है। शहर में अलाव और गर्म कपड़ों की दुकानों पर भीड़ बढ़ गई है। लोग सुबह-शाम अलाव का सहारा लेते नजर आ रहे हैं।
वहीं चाय, काफी और सूप की दुकानों पर ग्राहकों की संख्या में इजाफा हुआ है। ठंड के चलते मजदूर वर्ग और दिहाड़ी कामगारों को काम पर निकलने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले कुछ दिनों तक शीत लहर का असर बना रह सकता है।
बुधवार रात से ही मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। आज भी ऐसा ही मौसम रहेगा। जितनी अधिक ठंड पड़ेगी उतना ही फसलों को फायदा होगा। किसान मौसम को देखकर सिंचाई करते रहना चाहिए। डॉ. राजेश सिहाग, उपनिदेशक कृषि एवं कल्याण विभाग। |