भूमि आउटसोर्सिंग खदान से निकलती जहरीली गैस। (फोटो जागरण)
रविशंकर सिंह, जागरण, धनबाद। BCCL Coal Mine Fire: कोयलांचल में भूमिगत आग का बेताल एक बार फिर डाल पे आ गया है। बीसीसीएल की वेस्ट मोदीडीह कोलियरी में संचालित भूमि आउटसोर्सिंग खदान व समीप की बस्ती में भयावह आग से कई बस्तियों पर खतरा मंडरा रहा है। खदान में लगी आग तेजी से बढ़ती जा रही है। यह इलाका धनबाद के तेतुलमारी थाना के तहत आता है।
खदान में आग से निकलती जहरीली गैस से लोग सांस लेने में भी परेशानी की बात कह रहे हैं। खदान में तेजी से फैल रही आग से बस्तीवासी सहमे हुए हुए हैं। पांडेयडीह के लोगों को खदान से निकल रहे धुंआ से भी परेशानी हो रही है। लेकिन बीसीसीएल प्रबंधन, डीजीएमएस और आउटसोर्सिंग प्रबंधन को इससे कोई फर्क नहीं पड़ रहा है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि लगातार धधक रही आग अब बस्ती तक पहुंच चुकी है। सांस लेने में दर्जनों लोगों ने परेशानी की बात बताई। आलम यह है कि खदान से निकल रहा काला जहरीला धुंआ लोगों की सेहत भी बिगाड़ रहा है।
बस्ती के लोगों ने बताया कि आग के धुंआ से घुटन हो रही है। साथ ही खदान की आग से तेतुलमारी इलाके में पर्यावरण प्रदूषण को भी बढ़ावा दे रहा है। हद तो यही है कि बीसीसीएल प्रबंधन खानापूर्ति के लिए दोबारा आग बुझाने की बात कह रहा है।
आग से बस्ती में इन खतरों का अंदेशा
पांडेयडीह के समीप के कतरास एरिया चार में लगी आग से आसपास के लोग सहमे हुए हैं। ओपेन कास्ट माइंस समेत कई जगहों पर खदान व बस्ती के आसपास की आग एक गंभीर आपदा बन चुकी है। इससे जान-माल और पर्यावरण को भारी नुकसान हो रहा है।
खासकर आग लगने से आसपास की हजारों की आबादी कार्बन डायआक्साइड, मिथेन व सल्फर डाई आक्साइड जैसी गैसों के उत्सर्जन से परेशान है। बस्ती के कई लोगों ने सांस लेने में परेशानी की बात बताई। इससे लोगों में सांस की बीमारियां, ह्दय रोग व स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
सुशीला, पूजा व प्रतिमा ने बताया कि बस्ती के लोग आग से सहमे हुए हैं। आग बस्ती तक पहुंच चुकी है। प्रीत कुमार ने कहा कि बस्ती में आग तेजी से फैल सकती है। लेकिन उनकी सुध प्रबंधन को नहीं है। वहीं कई लोगों ने बस्ती में भूधंसान का अंदेशा भी जताया।
कई जगह भूस्खलन व जमीन धंसने की घटना भी हो चुकी है। खदान व बस्ती की आग से एक ओर जहां सरकार के राजस्व व कोयला संसाधनों का नुकसान हो रहा है वहीं, दूसरी ओर खदान में मिथेन गैस से अचानक विस्फोट का खतरा भी बना हुआ है। साथ ही खदान में चल रही भारी मशीनें जैसे ड्रैगलाइन, डपंर को भी नुकसान हो सकता है।
पांच दिन पहले आग लगी थी। आग बुझाने का काम कया गया था। आग के मुहाने पर मिट्टी भर दी गई थी।लेकिन रविवार को फिर से आग धधक गई है। सोमवार को आग को मिट्टी व पानी से बुझाया जाएगा। बस्ती के लोगों को पहले ही नोटिस दिया जा चुका है। शिफ्टिंग की प्रक्रिया जारी है। -संजय चौधरी, क्षेत्रीय सुरक्षा पदाधिकारी, कतरास |
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