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हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में टूटेंगी कई परंपराएं, क्या फिर उठेगा भाजपा के नौ विधायकों का मामला?

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हिमाचल प्रदेश विधानसभा का शिमला स्थित परिसर। जागरण आर्काइव  



राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा में सोमवार से शुरू हो रहे बजट सत्र में कई परंपराएं टूटेंगी। पहली बार विधानसभा की सभी बैठकें एक साथ नहीं होंगी। राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा भी शुरू में नहीं होगी। फिलहाल बजट सत्र के दौरान तीन बैठकें होंगी। उसके बाद सत्र आगे बढ़ाने या विराम पर निर्णय लिया जाएगा।

प्रदेश सरकार ने विधानसभा सचिवालय प्रशासन को राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) पर चर्चा के लिए प्रस्ताव दिया है।  
राज्यपाल के अभिभाषण के बाद क्या होगा

राज्यपाल के अभिभाषण के बाद नियम-102 के तहत संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन चौहान सरकारी संकल्प प्रस्तुत करेंगे, जिसमें केंद्र से पूर्व की भांति आरडीजी बहाल करने की सिफारिश की जाएगी। सरकार ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि प्रदेश की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए यह विषय प्राथमिकता में रखा जाएगा।  

हिमाचल प्रदेश को संविधान के अनुच्छेद 275 और 280 के तहत राजस्व सहायता अनुदान 5वें वित्त आयोग से लेकर 15वें वित्त आयोग तक प्राप्त होता रहा है। पहाड़ी और विशेष श्रेणी राज्य होने के कारण यह सहायता प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानी जाती रही है। 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुसार केंद्र सरकार ने आगामी वित्तीय वर्ष से आरडीजी बंद करने का निर्णय लिया है।  
आरडीजी बंद होने से कितना घाटा

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, आरडीजी बंद होने से 10 हजार करोड़ रुपये का वार्षिक घाटा होने की आशंका है। सदन में पारित होने वाले संकल्प से केंद्र सरकार को संदेश दिया जाएगा कि हिमाचल की विशेष परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अनुदान बहाल किया जाए। इस मुद्दे पर विपक्ष की ओर से हंगामा होना तय माना जा रहा है।
क्या कहते हैं विधानसभा अध्यक्ष

शिमला में विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि नियमों में प्रविधान है कि सत्र तीन हिस्सों में किया जा सकता है। यह पहली बार हो रहा है कि एक साथ सभी बैठकें संभवत: न हों। सरकार की तरफ से अभी तीन बैठकों का प्रस्ताव लाया गया है। उन्होंने बताया कि राज्यपाल अभिभाषण पहले दिन होगा, परंतु उसपर धन्यवाद प्रस्ताव की कार्यसूची सरकार की तरफ से अभी नहीं मिली है। 14वीं विधानसभा का 11वां सत्र शुरू होने से पहले सर्वदलीय बैठक सोमवार दोपहर 12.15 बजे होगी।
नौ भाजपा विधायकों का मामला समाप्त नहीं हुआ

एक प्रश्न पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा के नौ विधायकों के 2024 में बजट सत्र के आचरण से जुड़ा मामला समाप्त नहीं हुआ है। यह मामला सदन में संबंधित विषय उठने के बाद ही सुनाया जा सकता है। भाजपा के नौ विधायकों विपिन सिंह परमार, सतपाल सिंह सत्ती, डा. हंसराज, विनोद कुमार, सुरेंद्र शौरी, त्रिलोक जम्वाल, इंद्र सिंह गांधी, लोकेंद्र कुमार और दीपराज कपूर पर सदन की गरिमा को ठेस पहुंचाने का आरोप है। कांग्रेस विधायक अजय सोलंकी की ओर से शिकायत दी गई थी।  
विशेष सत्र न बुला 73 लाख रुपये बचाए

पठानिया ने बताया कि आरडीजी के मुद्दे पर विशेष सत्र न बुलाकर 73 लाख रुपये की बचत हुई है। इस मुद्दे पर पहले राज्य सरकार विशेष सत्र बुलाना चाहती थी, लेकिन राज्यपाल ने बजट सत्र बुलाने की सलाह दी थी। राज्य सरकार ने राज्यपाल की सलाह मानी, जिससे बचत हुई है।
राज्यपाल को विधानसभा अध्यक्ष ने दिया निमंत्रण

राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल को विधानसभा बजट सत्र में अभिभाषण पढ़ने के लिए विधानसभा अध्यक्ष रविवार को निमंत्रण देने लोक भवन पहुंचे। राज्यपाल ने निमंत्रण को स्वीकार कर लिया है। वह सोमवार दोपहर दौ बजे अभिभाषण के लिए विधानसभा आएंगे।

यह भी पढ़ें: हिमाचल प्रदेश की पंचायतों को 68.65 करोड़ रुपये का बजट जारी, प्रशासक खर्च करेंगे 15वें वित्त आयोग का अनटाइड फंड
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