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निलंबित DIG भुल्लर को हाईकोर्ट से झटका, रिश्वत मामले में जमानत याचिका खारिज, अभी जेल में ही रहेंगे

LHC0088 1 hour(s) ago views 701
  

आठ लाख रुपये रिश्वत के आरोप में सीबीआई ने हरचरण सिंह भुल्लर को गिरफ्तार किया था।



राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। पंजाब पुलिस के निलंबित डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर को रिश्वत प्रकरण में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। हाईकोर्ट ने उनकी नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी, जिससे फिलहाल उन्हें राहत नहीं मिल सकी।

हालांकि आय से अधिक संपत्ति से जुड़े अलग मामले में उन्हें पहले ही ट्रायल कोर्ट से जमानत मिल चुकी है, लेकिन रिश्वत लेने के आरोप वाले मामले में वह अभी भी मॉडल जेल, चंडीगढ़ में न्यायिक हिरासत में हैं।

सुनवाई के दौरान केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने अदालत को अवगत कराया कि केंद्र सरकार द्वारा भुल्लर के खिलाफ अभियोजन चलाने के लिए आवश्यक स्वीकृति प्रदान कर दी गई है, जिससे मामले की सुनवाई आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हो गया है।

जांच एजेंसी ने यह भी कहा कि जांच के दौरान एकत्र किए गए साक्ष्य गंभीर प्रकृति के हैं और निष्पक्ष जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित होने से बचाने के लिए आरोपी को फिलहाल हिरासत में रखा जाना आवश्यक है।

भुल्लर की ओर से दायर याचिका में दलील दी गई थी कि वह जांच में पूरा सहयोग कर चुके हैं और लंबे समय से न्यायिक हिरासत में हैं, इसलिए उन्हें नियमित जमानत दी जानी चाहिए।

बचाव पक्ष ने यह भी तर्क दिया कि रिश्वत की कोई प्रत्यक्ष मांग या वसूली स्वयं भुल्लर द्वारा नहीं की गई और उन्हें केवल कथित बिचौलिए के बयानों के आधार पर फंसाया गया है। साथ ही गिरफ्तारी के बाद कानूनी प्रक्रिया के पालन को लेकर भी सवाल उठाए गए।

सीबीआई के अनुसार 16 अक्टूबर 2025 को भुल्लर और उनके कथित बिचौलिए कृष्ण के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था। आरोप है कि एक पुराने आपराधिक मामले को रफा-दफा करने के बदले आठ लाख रुपये की रिश्वत मांगी गई थी।

जांच एजेंसी का दावा है कि बिचौलिए कृष्ण को पांच लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद भुल्लर को मोहाली स्थित उनके कार्यालय से हिरासत में लिया गया।

जांच के दौरान चंडीगढ़ स्थित भुल्लर के आवास पर छापेमारी में लगभग 7.36 करोड़ रुपये नकद, आभूषण, महंगी घड़ियां और कई अचल संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज बरामद होने का दावा किया गया, जिसके आधार पर उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का अलग मामला भी दर्ज किया गया।

गौरतलब है कि ट्रायल कोर्ट ने भी 2 जनवरी 2026 को रिश्वत मामले में उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी, जिसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट का रुख किया था।
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