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जागरण संवाददाता, गोरखपुर। तारामंडल क्षेत्र के विवेकपुरम निवासी मनोज कुमार बिजली निगम के पुराने उपभोक्ता हैं। बिजली खपत कम करने और बिजली बेचकर लाभ कमाने के लिए कुछ महीने पहले तीन किलोवाट क्षमता का सौर ऊर्जा संयंत्र लगाया। संयंत्र लगने के बाद बिजली खपत और संयंत्र से उत्पादित बिजली की पूरी जानकारी मिल जाती थी लेकिन जब से बिजली मीटर प्रीपेड मोड में संचालित हुआ, परेशानी बढ़ गई।
न तो बिल और न ही संयंत्र से उत्पादित बिजली की जानकारी मिल पा रही है। बिजली निगम के अभियंताओं के कहने पर उन्होंने मोबाइल फोन में यूपीपीसीएल स्मार्ट एप डाउनलोड किया। इस एप से भी बिजली खपत, उत्पादित बिजली की कोई जानकारी नहीं मिल पा रही है। मनोज कुमार परेशान हैं। उन्होंने बिजली कटने से बचने के लिए एक हजार रुपये कनेक्शन नंबर के आधार पर जमा कर दिया है।
मनोज कुमार की जगह स्मार्ट प्रीपेड मीटर वाले हजारों उपभोक्ता परेशान हैं। उनको घर में बिजली से जुड़ी कोई भी जानकारी नहीं मिल पा रही है।
एप चलाने में छूट रहे पसीने
बिजली निगम ने अभियंताओं और स्मार्ट मीटर लगाने वाली कार्यदाई संस्था जीनस के अधिकारियों व कर्मचारियों को निर्देश दिए हैं कि वह उपभोक्ताओं के मोबाइल फोन में एप डाउनलोड कराएं और इसकी कार्यप्रणाली समझाएं।
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निर्देश के क्रम में उपभोक्ताओं के मोबाइल फाेन में एप तो डाउनलोड कराए जा रहे हैं लेकिन ज्यादातर में लागिन ही नहीं हो पा रही है। इससे बिजलीकर्मियों के भी पसीने छूट रहे हैं। पिछले दिनों अभियंताओं की टीम को घंटों दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इसके बाद उच्चाधिकारियों को जानकारी दी गई लेकिन दिक्कत अब भी बरकरार है।
अब तक नहीं बना है बिजली का बिल
स्मार्ट मीटर वाले ज्यादातर उपभोक्ताओं का अब तक बिजली का बिल नहीं बन सका है। इससे उपभोक्ता परेशान हैं। खंड कार्यालय पर पहुंचने पर उन्हें पिछले महीने का बिजली का बिल दिया जा रहा है। उपभोक्ताओं का कहना है कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर से न तो खपत की जानकारी मिल पा रही है और न ही बिल की। |
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