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दशाश्वमेध घाट पर वीर शहीदों की याद में जले आकाशदीप, लोगों ने दी शहीदों को श्रद्धांजलि

deltin33 2025-10-7 02:36:43 views 1258
  यह आयोजन काशी की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा का प्रतीक है।





जागरण संवाददाता, वाराणसी। गंगा तट स्थित दशाश्वमेध घाट पर गंगोत्री सेवा समिति द्वारा सोमवार की शाम को उन वीर जवानों की याद में आकाशदीप जलाए गए, जिन्होंने अपने प्राणों की आहुति देकर लोगों की सुरक्षा की।

इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों की आंखों में आंसू थे। दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए यह आयोजन दिव्य कार्तिक मास में किया गया, जिसमें गंगा तट, सरोवरों, कूपों, बावड़ियों और घर की छतों पर आकाशदीप जलाने की प्रथा का पालन किया गया। यह परंपरा काशी में सदियों से चली आ रही है। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें



  

आश्विन पूर्णिमा से लेकर कार्तिक पूर्णिमा तक, पुलिस और पीएसी के वीर जवानों की याद में स्व. रवनीश कुमार, स्व. ऋषिपाल भाटी, स्व. रहमत अली, स्व. जितेंद्र कुमार, स्व. अनूप कुमार, स्व. प्रवीण कुमार गौड़, स्व. निशांत चौधरी, स्व. संतोष कुमार यादव, स्व. संतोष चौरसिया, स्व. शिवम बालियान और स्व. रोहित यादव के आत्मिक शांति के लिए गंगोत्री सेवा समिति द्वारा आकाशदीप जलाए गए।



इस आयोजन की शुरुआत पांच वैदिक ब्राह्मणों द्वारा मां गंगा के षोडशोचार पूजन से की गई। इसके बाद, मां गंगा की पवित्र धारा में 101 दीप प्रवाहित किए गए और वेद पाठ के बीच दिव्य ज्योति की टोकरी को अनंत आकाश की ओर ले जाया गया। इस दौरान वेद मंत्रों की गूंज सुनाई देती रही।

  

आकाशदीप प्रज्वलन के मुख्य अतिथि क्षेत्रीय सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया वाराणसी के रणविजय सिंह और विशिष्ट अतिथि महामंडलेश्वर सुख देव जी महाराज, जो हरिद्वार से आए थे, उपस्थित रहे। पीएसी बैंड की धुन के साथ मुख्य अतिथियों ने शहीदों की याद में आकाशदीप प्रज्ज्वलित किए। गंगोत्री सेवा समिति के संस्थापक अध्यक्ष पं० किशोरी रमण दुबे और सचिव दिनेश शंकर दुबे ने बताया कि कार्तिक मास का कोई अन्य महीना नहीं है। इस माह में आकाशदीप जलाने की परंपरा महाभारत काल से चली आ रही है, जब वीरों की याद में आकाशदीप जलाए जाते थे।



  

इस आयोजन में प्रमुख रूप से पं. कन्हैया त्रिपाठी, सचिव दिनेश शंकर दुबे, गंगेश्वरधर दुबे, संदीप दुबे, शांति लाल जैन, राम बोध सिंह आदि शामिल रहे। आयोजन का संचालन नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक और नगर निगम के ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला ने किया।

इस प्रकार, दशाश्वमेध घाट पर आयोजित यह श्रद्धांजलि कार्यक्रम न केवल शहीदों की याद में एक भावुक पल था, बल्कि यह काशी की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा को भी दर्शाता है। इस आयोजन ने सभी उपस्थित लोगों को एकजुट किया और शहीदों के प्रति सम्मान प्रकट करने का एक अनूठा अवसर प्रदान किया। इस प्रकार, गंगोत्री सेवा समिति द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम न केवल शहीदों को श्रद्धांजलि देने का एक माध्यम था, बल्कि यह समाज में एकता और भाईचारे का संदेश भी फैलाता है।
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