cy520520 • 2025-12-27 23:57:10 • views 1204
छपरा में अंगीठी के धुएं से दम घुटने से एडीसीओ के दो बच्चों समेत चार की मौत पत्नी गंभीर।
जागरण संवाददाता, वाराणसी/छ। अपर जिला सहकारी अधिकारी (एडीसीओ) विजय कुमार के दो बच्चों की छपरा में दम घुटने से मृत्यु हो गई है, जबकि उनकी पत्नी की स्थिति गंभीर बनी हुई है। यह दुखद घटना तब हुई जब एडीसीओ का परिवार ससुराल में था। एडीसीओ विजय कुमार, जो बक्सर के मूल निवासी हैं, वाराणसी के पिंडरा में तैनात हैं। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
परिवार ससुराल में एक कमरे में सो रहा था, जहां विजय कुमार की पत्नी अंजलि अपने तीन साल के बेटे तेजस और सात माह की बेटी गुड़िया के साथ सोई हुई थीं। उसी कमरे में अंजलि की मां कमलावती, एक भाई और बहन तथा उनका चार साल का बेटा अध्याय भी मौजूद था।
अचानक, कमरे में जलती हुई अंगीठी से निकलने वाले धुएं के कारण सभी लोग बेहोश हो गए। इस घटना में अंजलि की मां और तीन बच्चों की मौत हो गई, जबकि अंजलि, उनकी साली और साला की स्थिति गंभीर बनी हुई है। सभी का इलाज जिला अस्पताल छपरा में चल रहा है।
इस घटना की जानकारी एडीसीओ विजय कुमार को शनिवार सुबह मिली, जिसके बाद उन्होंने तुरंत छपरा के लिए प्रस्थान किया। घटना की गंभीरता को देखते हुए वाराणसी स्थित उनके आवास पर सहकारिता विभाग के कई अधिकारी पहुंचे, लेकिन एडीसीओ से मुलाकात नहीं हो पाई। विजय कुमार इस समय छपरा में हैं और इस दुखद घटना से पूरी तरह सदमे में हैं।
सहकारिता विभाग की पूरी टीम इस घटना से शोक में डूबी हुई है। एडीसीओ की पत्नी की स्थिति को लेकर अस्पताल में लगातार अपडेट मिल रहे हैं, लेकिन परिवार के सदस्यों की मौत ने सभी को गहरे सदमे में डाल दिया है।
ऐसे हुआ हादसा
ठंड से बचने के लिए जलाई गई अंगीठी पीसीएस अधिकारी के परिवार पर काल बनकर टूट पड़ी। बिहार के छपरा में शुक्रवार देर रात अंगीठी से निकली जहरीली गैस की चपेट में आकर चार लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि तीन की हालत गंभीर बनी हुई है। मृतकों में PCS अफसर के मासूम बेटे-बेटी, उनकी सास और साढ़ू का बच्चा शामिल है।
वाराणसी निवासी अधिकारी की पत्नी अंजली छुट्टियां मनाने अपने बच्चों के साथ छपरा आई थीं। वे भगवान बाजार थाना क्षेत्र के अंबिका कॉलोनी भारत मिलाप चौक के पास अपने मायके में रुकी हुई थीं। शुक्रवार की रात अत्यधिक ठंड के कारण परिवार के सात लोग एक ही कमरे में सोए थे। ठंड से बचाव के लिए कमरे में अंगीठी जलाई गई, जो पूरी रात सुलगती रही।
कार्बन मोनो ऑक्साइड गैस भर जाने से ऑक्सीजन का स्तर कमरे में तेजी से घट गया। गहरी नींद में होने के कारण किसी को खतरे का आभास नहीं हो सका। शनिवार तड़के परिवार के एक सदस्य को घुटन महसूस हुई। किसी तरह वह कमरे से बाहर निकला और शोर मचाया। जब परिजन मौके पर पहुंचे तो चार लोग अचेत पड़े थे।
तीन का अस्पताल में इलाज जारी
सभी को आनन-फानन में सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने PCS अफसर के तीन वर्षीय बेटे तेजस, सात महीने की बेटी गुड़िया, सास कमलावती देवी (70) और साढ़ू के चार वर्षीय बेटे अध्याय को मृत घोषित कर दिया। वहीं, पत्नी अंजली, साले अमित कुमार और साढ़ू की पत्नी अमीषा की हालत गंभीर बनी हुई है। तीनों का इलाज सदर अस्पताल में जारी है।
घटना की सूचना मिलते ही ASP राम पुकार सिंह समेत कई वरिष्ठ अधिकारी अस्पताल और घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने कमरे का मुआयना किया और परिजनों से पूछताछ शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में दम घुटने से मौत की पुष्टि हुई है। |
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