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Ranchi के डाक्टर को डिजिटल अरेस्ट कर 30 लाख रुपये की साइबर ठगी, पुलिस ने जयपुर से एक को दबोचा

LHC0088 2025-12-21 02:07:36 views 958
  

जयपुर से गिरफ्तार साइबर अपराधी योगेश सिंह सिसोदिया।  



राज्य ब्यूरो, रांची। रांची के एक नेत्र विशेषज्ञ को मनी लांड्रिंग में फंसाने का भय दिखा डिजिटल अरेस्ट कर 30 लाख रुपये की ठगी की गई। मामले में मास्टर माइंड योगेश सिंह सिसोदिया को सीआइडी साइबर अपराध थाना की पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

गिरफ्तार योगेश सिंह सिसोदिया राजस्थान के सांगानेर का रहने वाला है। जयपुर पुलिस के सहयोग से साइबर अपराध थाने की पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया है। योगेश सिंह सिसोदिया ने अपने गिरोह के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर अप्रैल 2024 में उक्त डाक्टर को ईडी के नाम पर पहले धमकाया। उन्हें बताया गया कि उनके विरुद्ध मनी लांड्रिंग मामले में एक केस दर्ज हुआ है।

अब उनकी गिरफ्तारी हो सकती है। इसके बाद वे डर गए। इसके बाद उनके खाते का ब्यौरा लेकर आरोपित योगेश सिंह सिसोदिया ने कई बैंक खातों में 30 लाख रुपये स्थानांतरित करवा दिए। इस संबंध में 22 अप्रैल 2024 को साइबर थाना में डाक्टर ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
ठगी में उपयोग किया गया मोबाइल व अन्य सामान जब्त

साइबर अपराध थाना की पुलिस ने उसके पास से ठगी में उपयोग किया गया मोबाइल व अन्य सामान जब्त किया है। नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल के माध्यम से मिली जानकारी के अनुसार गिरफ्तार योगेश सिंह के विरुद्ध अलग अलग राज्यों में साइबर ठगी के 10 मामले दर्ज हैं।

योगेश सिंह की गिरफ्तारी के बाद साइबर क्राइम थाना की पुलिस ने अब उन बैंक खातों के बारे में जानकारी जुटा रही है, जिसमें 30 लाख रुपये स्थानांतरित हुए थे।

अनुसंधान में यह जानकारी सामने आई है कि इन लोगो ने पैसे ट्रांसफर करने के लिए म्यूल खातों (ऐसे व्यक्ति के नाम पर बैंक एकाउंट जिसे कुछ रुपये देकर उसका पासबुक, एटीएम व चेक साइबर अपराधी ले लेते हैं) का उपयोग किया।
राजस्थान से चल रहा था साइबर अपराधियों का सिंडिकेट

साइबर क्राइम थाना की पुलिस को अनुसंधान के क्रम में जानकारी मिली है कि इनका ठगी का सिंडिकेट राजस्थान से चल रहा था। गिरोह के सदस्य राजस्थान से कई राज्यों के लोगो को केंद्रीय जांच एजेंसियों के नाम पर धमकी देकर साइबर ठगी कर रहे थे।

योगेश सिंह सिसोदिया की गिरफ्तारी से इस गिरोह का नेटवर्क ध्वस्त हुआ है। क्योंकि वह गिरोह का मास्टर माइंड है। साइबर क्राइम थाना की पुलिस उसके गिरोह के अन्य सदस्यों का भी पता लगा रही है ताकि उनकी भी गिरफ्तारी हो सके।
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