deltin33 • 2025-12-20 07:36:05 • views 485
श्रीकृष्ण मेडिकल कालेज में जातिगत मेस से बढ़ रहा तनाव
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। उत्तर बिहार के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज (एसकेएमसी) में छात्रों के बीच जातिगत आधार पर चल रहे अलग-अलग मेस को लेकर विवाद गहरा गया है। कॉलेज के छात्रों ने पत्र लिखकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से इस व्यवस्था को तुरंत बंद करने और साझा मेस प्रणाली लागू करने की मांग की है। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में छात्रों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि लड़कों के छात्रावास में जातियों के आधार पर अलग-अलग मेस चल रहे हैं। इस व्यवस्था के कारण छात्र अपनी-अपनी जाति के समूहों में बंट जाते हैं।
आरोप है कि भोजन के दौरान इन समूहों में अक्सर गैर-जिम्मेदाराना और असामाजिक बातचीत होती है, जो छात्रों के बीच आपसी वैमनस्य और जातिगत दुश्मनी को जन्म दे रही है। पत्र में छात्रों ने चिंता व्यक्त की है कि यह विभाजन केवल भोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे कैंपस का माहौल खराब हो रहा है।
छोटी-छोटी बातों पर होने वाली तू-तू मैं-मैं कभी भी बड़े हिंसक झगड़े या जातीय दंगे का रूप ले सकती है। छात्रों का कहना है कि जहां एक ओर अन्य मेडिकल कालेजों में सभी जाति के छात्र एक साथ मिलकर भोजन करते हैं।
वहीं एसकेएमसीएच में इस तरह की पिछड़ी व्यवस्था शैक्षणिक माहौल को खराब कर रही है। साझा मेस की मांग छात्रों ने मुख्यमंत्री से मांग की है। प्राचार्य सह अधीक्षक डॉ. आभा रानी सिन्हा ने बतायी कि ऐसी कोई बाध्यता नहीं है। जिसे जिस मेस में खाना है खा सकते है। फिर भी वह अपने स्तर से वार्डन के जरिए मामले का गोपनीय जांच कराएंगे। |
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