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ठंड इतनी खतरनाक... खून की नसों में सिकुड़न से बढ़ रहा बीपी, हार्ट अटैक और ब्रेन स्ट्रोक का किसे है खतरा?

deltin33 2025-12-20 02:37:21 views 515
  



जागरण संवाददाता,मेरठ। दो दिनों से सुबह-शाम जमकरकोहरा पड़ रहा हैं। ठंड बढ़ गई है। तापमान गिर गया है। इससे शरीर में खून की नसें सिकुड़ रही हैं। संकरी नसों में रक्त के प्रवाह के लिए हृदय को अधिक जोर लगाना पड़ रहा है। जिससे बीपी बढ़ रहा है। वहीं, व्यायाम में कमी और पसीना न निकलने से शरीर में सोडियम का स्तर बढ़ने और तला-भुना और नमकीन चीजों का अत्यधिक सेवन भी ब्लड प्रेशर बढ़ा रहा है। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

लोग सिरदर्द, दिल की धड़कन बढ़ने, घबराहट और सांस फूलने जैसे लक्षणों के साथ उपचार को पहुंच रहे हैं। मेडिकल कालेज सहित अस्पतालों की ओपीडी में सामान्य दिनों की तुलना में करीब 30 प्रतिशत बीपी के मरीज बढ़ गए हैं। जिनको बीपी, शुगर, दिल, सांस, गुर्दे और फेफड़े से संबंधित बीमारियां पहले हैं, उनमें हार्ट और ब्रेन स्ट्रोक का खतरा अधिक है। इन खतरों से बचाव के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों की सलाह है कि कोहरे के दौरान सुबह-शाम घर से बाहर टहलने के लिए न निकलें। दिनभर में स्वस्थ व्यक्ति पांच ग्राम और मरीज तीन ग्राम से ज्यादा नमक का सेवन न करें।

बचाव के लिए ये करें
-सीधे ठंडी हवा के संपर्क में आने से बचें। गर्म कपड़े पहनें। सिर-कान को ढककर रखें।
-सुबह-शाम खुले वातावरण में टहलने जाने से बचें। घर के अंदर योगा-प्राणायाम करें।
-बीपी के मरीज अपनी दवाएं समय से लें। डिजिटल मशीन से नियमित बीपी की जांच करें।
-नमक का सेवन कम करें। मौसमी फल और सब्जियां, जैसे मेथी, बथुआ, गाजर का सेवन करें।
-गर्म सूप और गुनगुना पानी पिएं। शाम को सोने से पहले भाप लेना भी लाभदायक है। //B//B

ठंड में ऐसा रखें आहार
सर्दी के मौसम में लोगों की भूख बढ़ जाती है क्योंकि ठंड के प्रभाव से निपटने के लिए ऊर्जा की आवश्यकता अधिक होती है। गुड़, दूध, सूखे मेवे के उत्पादों जैसे गजक, लड्डू, मिठाई का सेवन करें। घी के साथ बाजरा,जौ या ज्वार की चपाती फायदेमंद होती है। इस मौसम में भारी दालें जैसे काला चना, छोले, राजमा, उड़द पचने योग्य होती हैं। दिन की शुरुआत दो गिलास गुनगुना पानी पीकर करेंं। रात को एक गिलास दूध पिएं। मौसमी सब्जियों का गरमा गरम सूप पी सकते हैं। मेथी, बथुआ, मूली, सरसों, चना मटर के साग एवं इनसे बने पराठे का सेवन करें। पेट साफ रहता है और आवश्यक ऊर्जा मिलती है। ठंड में खाली पेट न रहेंं। ये बीमार कर सकता है। नमक की मात्रा सीमित रखें। -डा.चन्द्र चूड़ मिश्रा, आयुर्वेद विशेषज्ञ।

चिकित्सकों ने कहा कि...
-सामान्य दिनों की तुलना में इस समय करीब 30 प्रतिशत ब्लड प्रेशर की समस्या बढ़ गई है। जो पहले से बीपी के मरीज हैं। वह इस मौसम में विशेष सावधानी बरतें। हर दिन अपना बीपी चेक करें। दवाएं समय से लें। ठंड में जिस तरह से प्लास्टिक की नली सिकुड़ जाती है ठीक वैसे ही शरीर के अंदर खून की नसों में सिकुड़न हो जाती है। जिससे रक्त प्रवाह के लिए दिल को अधिक जोर लगाना पड़ता है और बीपी बढ़ जाता है। बीपी बढ़ने से दिल, दिमाग, गुर्दे और फेफड़े सभी प्रभावित होते हैं। हार्ट अटैक और ब्रेन स्ट्रोक के मामले इन दिनों इसी वजह से बढ़ रहे हैं। -डा. अरविंद कुमार, वरिष्ठ फिजिशियन।

जो पहले से बीपी के मरीज हैं, वह अपनी दवाओं की डोज चिकित्सक से पूछे कर बढ़ा लें। जो लोग बार्डर लाइन पर हैं, वे बीपी चेक करें। यदि बढ़ रहा है तो दवाएं शुरू कर दें। ठंड सबसे घातक उन मरीजों के लिए हैं जिनकोे लकवा, दिल, सांस की बीमारी है। ये मरीज खुद को ठंड से बचाएं। कोहरे में न निकलें। नमक का सेवन जितना कम से कम करें। क्योंकि ठंड में सोडियम का स्तर शरीर में बढ़ जाता है। शरीर का तापमान संतुलित रखना जरूरी है। कम तापमान में खून की नसें सिकुड़ती हैं। -डा. तनुराज सिरोही, वरिष्ठ फिजिशियन।
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