सुधांशु शेखर ठाकुर
जागरण टीम, बांका/अमरपुर। वरिष्ठ पत्रकार सुधांशु शेखर ठाकुर के आकस्मिक निधन से मीडिया जगत और सामाजिक वर्ग में गहरा शोक व्याप्त है। उनके असमय निधन ने पत्रकारिता को अपूरणीय क्षति पहुंचाई है।
बांका जिले के अमरपुर प्रखंड के भरको गांव के निवासी सुधांशु शेखर ठाकुर केवल एक पत्रकार नहीं, बल्कि सादगी, संवेदनशीलता, ईमानदारी और सत्यनिष्ठा के प्रतीक थे। उन्होंने पत्रकारिता को पेशे से अधिक सामाजिक दायित्व समझा। उनकी लेखनी में निष्पक्षता और मानवीय सरोकार स्पष्ट झलकते थे। जमीनी मुद्दों को उठाना और आम लोगों की समस्याओं को शासन-प्रशासन तक पहुंचाना उनकी कार्यशैली की पहचान थी। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
रांची में उनके लंबे कार्यकाल के दौरान उन्होंने मेहनत और अनुशासन से संस्थान का मान बढ़ाया और युवा पत्रकारों के लिए प्रेरणा बने। वे सच्ची खबर, संतुलित दृष्टिकोण और नैतिक मूल्यों के पक्षधर रहे। उनके सौम्य स्वभाव के कारण वे सभी के प्रिय थे।
उनके निधन की सूचना मिलते ही जिले भर के पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं में शोक की लहर फैल गई। पत्रकारिता ने एक कर्मठ और ईमानदार सिपाही खो दिया है। सुधांशु शेखर ठाकुर का जीवन पत्रकारिता में ईमानदारी और साहस का अनुकरणीय उदाहरण है, जिसे आने वाली पीढ़ियां सदैव स्मरण रखेंगी। |