Free Education Hostel: छात्रों को घर से कुछ भी लाने की आवश्यकता नहीं होगी की अवधारण पर किया जा रहा निर्माण। फोटो सौ. विभाग
डिजिटल डेस्क, समस्तीपुर। Plus Two Residential School: राज्य के अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के छात्र-छात्राओं के लिए गुणवत्तापूर्ण और आवासीय शिक्षा का सपना समस्तीपुर में साकार होने जा रहा है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की परिकल्पना को मूर्त रूप देते हुए भवन निर्माण विभाग द्वारा जिले के विभूतिपुर प्रखंड में डॉ. भीमराव अंबेडकर +2 आवासीय विद्यालय का निर्माण लगभग पूरा कर लिया गया है। यह विद्यालय 720 छात्रों की क्षमता वाला होगा।
विद्यालय के चालू होने से छात्रों को स्वच्छ, शांत और सुरक्षित वातावरण में पढ़ाई का अवसर मिलेगा। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों के लिए यह आवासीय विद्यालय वरदान साबित होगा, जहां दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र भी बिना किसी आर्थिक बोझ के गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे।
डॉ. भीमराव अंबेडकर +2 आवासीय विद्यालय बिहार सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका उद्देश्य समाज के सबसे पिछड़े और वंचित वर्गों के बच्चों को आधुनिक शिक्षा के साथ बेहतर भविष्य की ओर अग्रसर करना है। इस योजना को अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग द्वारा संचालित किया जा रहा है।
नवोदय मॉडल पर आधारित अवधारणा
इन विद्यालयों की अवधारणा नवोदय विद्यालयों की तर्ज पर रखी गई है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के प्रतिभाशाली लेकिन संसाधनहीन छात्र एक ही परिसर में निशुल्क शिक्षा, आवास और भोजन पा सकें। इसका उद्देश्य छात्रों को जेईई, नीट और यूपीएससी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी सक्षम बनाना है।
आधुनिक सुविधाओं से लैस परिसर
इस आवासीय विद्यालय में छात्रों को घर से कुछ भी लाने की आवश्यकता नहीं होगी। यहां निशुल्क आवास और पौष्टिक भोजन, ड्रेस, जूते-मोजे, बेडशीट और स्टेशनरी उपलब्ध कराई जाएगी।
पढ़ाई के लिए स्मार्ट क्लासरूम, कंप्यूटर लैब और विज्ञान प्रयोगशालाएं होंगी। वरिष्ठ छात्रों के लिए मेडिकल और इंजीनियरिंग जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की विशेष कोचिंग की व्यवस्था भी की जाएगी। खेलकूद के लिए फुटबॉल, वॉलीबॉल और इंडोर गेम्स की सुविधाएं भी परिसर में मौजूद रहेंगी।
करोड़ों की लागत से हुआ निर्माण
एक पूर्ण सुविधायुक्त आवासीय विद्यालय के निर्माण पर बिहार सरकार लगभग 40 से 45 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। इसमें विद्यालय भवन के साथ छात्रावास, डाइनिंग हॉल, खेल मैदान और स्टाफ क्वार्टर भी शामिल हैं।
पूरे बिहार में विस्तार की योजना
राज्य सरकार का लक्ष्य बिहार के सभी 38 जिलों में कम से कम एक अंबेडकर आवासीय विद्यालय संचालित करना है। वर्तमान में पटना, गया, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, दरभंगा, पूर्णिया और सारण सहित लगभग सभी जिलों में ऐसे विद्यालय कार्यरत हैं। सरकार अब इनकी संख्या बढ़ाकर 100 से अधिक करने की दिशा में काम कर रही है, ताकि करीब 50 हजार छात्रों को एक साथ शिक्षा दी जा सके।
पात्रता और प्रवेश
इन विद्यालयों में नामांकन अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के बिहार के स्थायी निवासियों के लिए होता है। प्रवेश आमतौर पर कक्षा 1 और कक्षा 6 में प्रवेश परीक्षा के माध्यम से लिया जाता है। आय सीमा निर्धारित है, लेकिन प्राथमिकता सबसे गरीब परिवारों के बच्चों को दी जाती है।
समस्तीपुर के विभूतिपुर में बन रहा यह +2 आवासीय विद्यालय न केवल शिक्षा का केंद्र बनेगा, बल्कि सामाजिक समानता और अवसर की दिशा में भी एक बड़ा कदम साबित होगा।
माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी की परिकल्पना को मूर्त रूप देते हुए भवन निर्माण विभाग अनुसूचित जाति व जनजाति वर्ग के छात्र-छात्राओं के लिए समस्तीपुर जिले के विभूतिपुर में आवासीय विद्यालय का निर्माण कर रही है। 720 क्षमता वाले डॉ. भीमराव अंबेडकर +2 आवासीय विद्यालय का निर्माण… pic.twitter.com/akAN9eCsJL— Building Construction Dept. Bihar (@BcdBihar) February 21, 2026 |