नोटा का नहीं होगा ऑप्शन। (AI Generated Image)
राज्य ब्यूरो, रांची। नगर निकाय चुनाव में नोटा का प्रविधान नहीं है। किसी न किसी उम्मीदवार को वोट देना ही होगा। ऐसा नहीं करने पर वोट अवैध घोषित हो जाएगा।
मतदाताओं को एराे क्रॉस का रबर का मुहर दिया जाएगा जिसे उस प्रत्याशी के नाम के सामने लगाना होगा, जिसे वोट देना चाहते हों।
साथ ही मतदाताओं को निर्धारित स्थान पर हस्ताक्षर भी करना होगा। निरक्षर मतदाता अंगूठा का भी निशान लगा सकेंगे। राज्य निर्वाचन आयोग ने बैलेट पेपर में उम्मीदवारों के नाम, चुनाव चिह्न की जगह तथा आकार तक तय कर दिए हैं।
बता दें कि महापौर व अध्यक्ष तथा वार्ड पार्षद दोनों का बैलेट पेपर अलग-अलग होगा। दोनों पदों के लिए बैलेट पेपर एक ही बैलेट बॉक्स में डाले जाएंगे।
दृष्टिहीन मतदाता निकाय चुनाव में अपने साथ एक सहायक भी ला सकेंगे। ऐसे सहायक की उम्र 18 वर्ष से कम नहीं होनी चाहिए।
सहायक उसे मतदान करने में सहयोग करेगा। राज्य निर्वाचन आयोग ने ऐसे मतदाताओं की सुविधा के लिए यह प्रविधान किया है।
मतदाता फोटो पहचान पत्र नहीं है तो ये दस्तावेज दिखाकर दे सकेंगे वोट
निकाय चुनाव में मतदाताओं की पहचान भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी फोटो पहचान पत्र से की जाएगी। यदि किसी मतदाता के पास फोटो पहचान पत्र उपलब्ध नहीं है तो उसकी पहचान आयोग द्वारा निर्धारित 11 वैकल्पिक दस्तावेज के माध्यम से की जा सकेगी।
इनमें निर्वाचन तंत्र द्वारा जारी प्रमाणिक फोटोयुक्त मतदाता पर्ची, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, राज्य/केंद्र सरकार सार्वजनिक क्षेत्रों के उपक्रम, स्थानीय निकाय या पब्लिक लिमिटेड कंपनी द्वारा उनके कर्मचारियों को जारी किए जाने वाले फोटोयुक्त सेवा पहचान पत्र, बैंक/डाकघर द्वारा जारी किए गए फोटोयुक्त पासबुक, पैन कार्ड, आधार कार्ड, राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर, मनरेगा (जी रामजी योजना) के अंतर्गत जारी फोटोयुक्त जाब कार्ड, फोटोयुक्त स्वास्थ्य बीमा योजना/स्मार्ट कार्ड, फोटोयुक्त पेंशन दस्तावेज सम्मिलित हैं।
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