राज्य ब्यूरो, लखनऊ। राज्य के एक्सप्रेसवे के किनारे स्थापित किए जाने वाले 27 इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंव लाजिस्टिक क्लस्टर के लिए अतिरिक्त भूमि चिह्नित की जाएगी। इस संदर्भ में उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी, शशांक चौधरी ने योजना को लेकर नए चिह्नित जिलों सहित पहले से चिह्नित जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।
शुक्रवार को पिकप भवन में आइएमएलसी परियोजना की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने बताया कि अभी तक 5000 हेक्टेयर से अधिक भूमि को चिह्नित किया जा चुका है, इसमें से किसानों के साथ आपसी सहमति से 85 प्रतिशत से अधिक भूमि क्रय का कार्य पूरा किया जा चुका है।
25000 हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि चिह्नित की जा रही
उन्होंने संबंधित जिलों के नोडल अधिकारियों को निर्देश दिए कि नए लक्ष्य के अनुरूप जिलों में जाकर भूमि के चिह्नीकरण का कार्य पूरा कर एक सप्ताह में उसकी रिपोर्ट दें, जिससे उक्त भूमि का यूपीडा की टीम से परीक्षण कराया जा सके। उन्होंने बताया कि मुख्य सचिव के निर्देशानुसार आइएमएलसी के विस्तारीकरण के लिए 25,000 हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि चिह्नित की जा रही है।
आइएमएलसी और औद्योगिक गलियारे के लिए अतिरिक्त भूमि बैंक बनाने को लेकर मैनपुरी, फर्रुखाबाद, बुलंदशहर, जौनपुर, भदोही, वाराणसी, मिर्जापुर, सोनभद्र, चंदौली मुजफ्फरनगर और लखनऊ के अलावा शामली, बिजनौर, बरेली, सीतापुर, रामपुर कासगंज, सहारनपुर, बागपत और हाथरस को योजना में शामिल किया गया है। |