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हरियाणा विधानसभा बजट सत्र: लाडो लक्ष्मी, ड्रोन और लखपति दीदी... नायब सरकार का महिला सशक्तिकरण पर जोर

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सदन में बोलते हुए सीएम नायब सैनी। फोटो सीएम एक्स



राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा के राज्यपाल असीम घोष के अभिभाषण में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की सरकार ने आधी आबादी यानी महिलाओं को सशक्त बनाने पर फोकस किया है। प्रदेश सरकार ने बहन-बेटियों को सशक्त बनाने वाली योजनाओं का बड़ा पिटारा खोलते हुए करीब एक दर्जन घोषणाएं की हैं।

राज्यपाल के 24 पेज के अभिभाषण में महिलाओं की सुरक्षा से लेकर उनके सम्मान का ख्याल रखने, आर्थिक रूप से मजबूती प्रदान करने, महिलाओं की शिक्षा की चिंता करते हुए उन्हें उद्यमिता के लिहाज से अपने पैरों पर खड़ा करने का लक्ष्य साफ दिखाई दिया।

राजनीतिक तौर पर इसे प्रदेश के सबसे बड़ी वोट बैंक यानी महिलाओं का भरोसा जीतने की कवायद के रूप में देखा जा रहा है।
बड़े राजनीतिक संदेश की ओर भी इशारा

राज्यपाल ने अपने अभिभाषण के कुछ पेज पढ़े और बाकी को पढ़ा हुआ मान लेने का आग्रह सदन से किया। अभिभाषण के हर पेज में महिलाओं के लिए योजनाओं का विस्तार, सुरक्षा ढांचे को मजबूत करना, आर्थिक अवसर बढ़ाना और तकनीक से जोड़ना, यह सब एक बड़े राजनीतिक संदेश की ओर भी इशारा कर रहे हैं।

हरियाणा में महिलाओं की संख्या 1.4 करोड़ से अधिक है और प्रदेश की राजनीति में वे निर्णायक भूमिका निभाती हैं। सरकार द्वारा महिलाओं के लिए इतने बड़े स्तर पर योजनाओं की घोषणा यह दर्शाती है कि 2026 चुनाव से पहले महिलाओं का भरोसा जीतना सरकार की प्राथमिक रणनीति है।
452 महिलाओं को चार किस्तों में 634 करोड़

राज्यपाल ने विधानसभा में जानकारी दी कि ‘लाडो लक्ष्मी योजना’ के लाभ का दायरा बढ़ा दिया गया है। 23 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को हर महीने 2,100 रुपये देने का प्रविधान इस योजना में हैं। अब तक 9 लाख 22 हजार 452 महिलाओं को चार किस्तों में 634 करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं।

योजना में बड़ा बदलाव यह हुआ कि कि अब 1.80 लाख रुपये वार्षिक आय वाले परिवारों की महिलाएं भी 2100 रुपये मासिक प्राप्त करने की हकदार होंगी। अभी तक एक लाख वार्षिक तक आय वाली महिलाओं को इस योजना का लाभ मिल रहा है। शर्त यह होगी कि महिला अपने बच्चों की शिक्षा, पोषण और शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए सक्रिय रूप से प्रयासरत होगी।

राज्यपाल ने अभिभाषण में जानकारी दी कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों की शादी के लिए ‘मुख्यमंत्री विवाह शुगन योजना’ के तहत अब 71 हजार रुपये दिए जाएंगे। अभिभाषण में सबसे आकर्षक पहल ‘ड्रोन दीदी योजना’ रही।

ग्रामीण महिलाओं के लिए ड्रोन इमेजिंग एंड इन्फोरमेशन सर्विसेज आफ हरियाणा लिमिटेड नामक सरकारी कंपनी बनाई गई है। अभी तक 33 ड्रोन दीदियों को प्रशिक्षण देकर तैयार किया जा चुका है और 15 महिलाओं का प्रशिक्षण जारी है। जल्द ही 1,350 महिलाओं को ड्रोन पायलट और तकनीकी विशेषज्ञ के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा।
सात नये महिला पुलिस थाने बनेंगे

प्रो. असीम घोष ने अपने अभिभाषण में जानकारी दी कि प्रदेश में फिलहाल 33 महिला पुलिस थाने और 239 महिला हेल्प डेस्क काम कर रही हैं। अब सरकार ने सात नये महिला थाने खोलने का फैसला किया है। इनमें लोहारू, बरवाला, नरवाना, समालखा, महम, रादौर और पिहोवा में महिला पुलिस थाने खोले जाएंगे।

महिलाओं को सुरक्षा देते हुए रात की शिफ्ट में कारखानों में काम करने की अनुमति दी गई है। हरियाणा सरकार का दावा है कि वर्ष 2025 में महिलाओं के प्रति अपराधों में 16 प्रतिशत की कमी दर्ज हुई, जबकि अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं के खिलाफ अपराध चार वर्षों में 67 प्रतिशत तक घटे हैं।
स्वयं सहायता समूहों को मजबूती देगी सरकार

सामाजिक–आर्थिक रूप से महिलाओं को मजबूत करने के लिए स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) माडल को हरियाणा सरकार ने व्यापक स्तर पर लागू किया है। राज्यपाल ने जानकारी दी कि जिलों के प्रमुख स्थानों पर ‘सांझा बाजार’ खोले जा रहे हैं, जहां महिलाएं अपने उत्पाद सीधे बेच सकती हैं।

बस अड्डों पर विशेष दुकानों को सेल्फ हेल्प ग्रुप के उत्पादों के लिए आरक्षित किया गया है। 124 अटल श्रमिक–किसान कैंटीनों का संचालन भी महिलाओं के हाथों में है, जिससे हजारों महिलाएं सम्मानजनक आय अर्जित कर रही हैं।  
1.6 लाख से ज्यादा महिलाएं बनी लखपति

हरियाणा में चल रहा लखपति दीदी कार्यक्रम ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नई ऊर्जा भर रहा है। अब तक 1 लाख 6 हजार 325 महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं। उनकी सालाना आय एक लाख रुपये से ऊपर हो चुकी है। सरकार इसे ‘मूल क्रांति’ कह रही है, क्योंकि इससे ग्रामीण महिला उद्यमिता को नई पहचान मिली है।

स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने के लिए विशेष आनलाइन पोर्टल और राष्ट्रीय–अंतरराष्ट्रीय मेलों का सहारा लिया जा रहा है।
स्कालरशिप और विज्ञान प्रतिभाओं को बढ़ावा

हरियाणा सरकार ने बेटियों को इंजीनियरिंग और विज्ञान शिक्षा में आगे लाने के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं। कल्पना चावला स्कालरशिप योजना के तहत हर वर्ष 250 छात्राओं को एक–एक लाख रुपये की छात्रवृत्ति, विज्ञान रत्न अवार्ड के तहत मेधावी छात्राओं को पांच लाख रुपये तक के पुरस्कार दिए जाएंगे।

राज्यपाल ने अपने अभिभाषण में कहा कि इन कार्यक्रमों से तकनीकी शिक्षा में बेटियों का नामांकन तेजी से बढ़ा है।
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