रांची रिम्स
जागरण संवाददाता, रांची। अर्ध-शुष्क (गर्म- ठंड) मौसम के बदलाव ने बच्चों को प्रभावित किया है। रांची के राजेंद्र इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंसेज (रिम्स) के शिशु रोग ओपीडी में प्रतिदिन 100 में 50 बच्चे सर्दी-जुकाम, सिरदर्द और बुखार की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं।
वर्तमान मौसम परिवर्तन का सबसे ज्यादा असर 5 से 12 वर्ष के बच्चों पर पड़ रहा है। सुबह-शाम की ठंडक और दोपहर की गर्मी के कारण बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो रही है, जिससे यह समस्या बढ़ रही है।
सुबह और शाम ठंडी हवा चलने से बच्चों को सर्दी
रिम्स के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. उपेंद्र ने बताया, सुबह और शाम ठंडी हवा चलने से बच्चों को सर्दी लग जाती है, जबकि दोपहर की तेज धूप और गर्मी से डिहाइड्रेशन हो जाता है। ऐसे में बच्चे आइसक्रीम, कोल्ड ड्रिंक्स जैसी ठंडी चीजों का अधिक सेवन कर रहे हैं, जो सिरदर्द, बुखार और ऊपरी श्वसन संक्रमण का कारण बन रहा है।
उन्होंने कहा कि पिछले एक सप्ताह में ओपीडी में मरीजों की संख्या में 30 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। अधिकांश मामलों में वायरल इंफेक्शन पाया जा रहा है, जो मौसमी बदलाव से जुड़ा है।
फरवरी का महीना अक्सर अर्ध-शुष्क रहता है, जहां न्यूनतम, अधिकतम तापमान में बदलाव होते है। इससे न केवल बच्चे, बल्कि वयस्क भी प्रभावित हो रहे हैं, लेकिन बच्चों का शरीर इस उतार-चढ़ाव को सहन करने में कम सक्षम होता है। अभिभावक को यह ध्यान देने की जरूरत हैं, बच्चों के गर्म कपड़े पहनाए और ठंडी वस्तुओं के सेवन से बचे।
बचाव के उपाय
विशेषज्ञों ने अभिभावकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। डा. उपेंद्र ने कहा,बच्चों को सुबह-शाम गर्म कपड़े पहनाएं, लेकिन दोपहर में हल्के वस्त्र दें। ठंडी चीजों से परहेज कराएं और पर्याप्त पानी पिलाएं। मौसम के अनुसार कपड़े बदलें। सुबह-शाम स्वेटर या जैकेट दें।
खाने में गर्म और पौष्टिक भोजन दें। फल-सब्जियां बढ़ाएं, आइसक्रीम-कोल्ड ड्रिंक्स ले दूर रखे। हल्का बुखार या सिरदर्द होने पर तुरंत डाक्टर से संपर्क करें। |