मुंगेर के धरहरा प्रखंड के मध्य विद्यालय।
संवाद सूत्र, धरहरा (मुंगेर)।धरहरा प्रखंड के मध्य विद्यालय मानगढ़ में गुरुवार को सामने आई लापरवाही ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली और विद्यालय प्रबंधन की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार, विद्यालय में कक्षा में पंखा लगाने के लिए सातवीं और आठवीं कक्षा के छात्रों को टिफिन के तुरंत बाद, करीब एक बजे ही छुट्टी देकर घर भेज दिया गया। स्कूल समय के दौरान इस तरह समय से पहले छुट्टी दिए जाने से अभिभावकों में नाराजगी है।
बताया जाता है कि पंखा लगाने जैसे सामान्य कार्य के कारण दो कक्षाओं की पढ़ाई पूरी तरह रोक दी गई, जबकि विद्यालय की अन्य कक्षाओं में शिक्षण कार्य सामान्य रूप से जारी रहा। इससे यह स्पष्ट होता है कि विद्यालय प्रबंधन ने वैकल्पिक व्यवस्था करने के बजाय सीधे तौर पर बच्चों की पढ़ाई बाधित करने का निर्णय लिया। छात्रों ने बताया कि उन्हें यह कहकर घर भेज दिया गया कि कक्षा में पंखा लगाया जाना है, इसलिए आज की छुट्टी है और अगले दिन से नियमित रूप से स्कूल आएं।
मामले में प्रधानाध्यापक कपिलदेव शर्मा ने स्वीकार किया कि पंखा लगवाने के कारण ही बच्चों को छुट्टी दी गई। उनका यह बयान विद्यालय प्रबंधन की लापरवाही को और उजागर करता है। शिक्षा सत्र के दौरान इस प्रकार शैक्षणिक समय की अनदेखी को गंभीर माना जा रहा है।
प्रखंड विकास पदाधिकारी सह प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी राकेश कुमार ने घटना को गंभीर बताते हुए कहा कि स्कूल समय में बच्चों को छुट्टी देकर इस तरह का कार्य कराना पूरी तरह नियमों के विरुद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रधानाध्यापक से स्पष्टीकरण तलब किया जाएगा और यदि वे दोषी पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
घटना के बाद स्थानीय अभिभावकों में रोष व्याप्त है। उनका कहना है कि इस तरह की मनमानी से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है और उनके शैक्षणिक अधिकारों का हनन होता है। अभिभावकों ने शिक्षा विभाग से मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी भी विद्यालय में बच्चों के समय और अधिकारों के साथ इस तरह का खिलवाड़ न हो। |
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