मोहित पांडेय, जागरण उन्नाव। अब वाहन के बीमा, प्रदूषण, फिटनेस व परमिट को लेकर अनदेखी सफर के दौरान महंगी पड़ेगी। इन प्रपत्रों में कमी या अधूरे होने पर एक्सप्रेस-वे के टोल प्लाजा पर ऐसे वाहनों का ई-चालान हो जाएगा। कारण, उत्तराखंड व बिहार की तरह प्रदेश में एक्सप्रेस-वे के सभी टोल प्लाजा पर ई-डिटेक्शन प्रणाली मार्च के अंत तक शुरू करने पर काम चल रहा है। सबसे पहले इसकी शुरुआत आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे से करने की तैयारी है। भविष्य में सभी हाईवे के टोल पर भी इसकी शुरुआत की जाएगी।
ई-डिटेक्शन सिस्टम सेंट्रल व्हीकल रजिस्ट्रेशन डेटाबेस के साथ जुड़ा होता है। इसे राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) मैनेज करता है। टोल प्लाजा पर वाहन पहुंचते ही वहां लगे कैमरे वाहन की नंबर प्लेट या फास्टैग को स्कैन करते हैं। फिर केंद्रीय वाहन डेटाबेस से ब्योरा को क्रास चेक करते हैं। इस प्रक्रिया में वाहन के पंजीकरण, बीमा, फिटनेस, प्रदूषण प्रमाणपत्र व परमिट की स्थिति की भी जांच हो जाएगी।
यदि किसी भी दस्तावेज में कमी या अवधि समाप्त मिली तो संबंधित वाहन मालिक के मोबाइल नंबर पर ई-चालान भेज दिया जाएगा। यह व्यवस्था सड़क सुरक्षा को मजबूत करने व नियमों का कड़ाई से पालन कराने के लिए अपनाई जा रही है। अभी तक कई वाहन चालक बिना वैध दस्तावेज के एक्सप्रेस-वे व हाईवे पर सफर कर हादसों को दावत देते हैं।
नई प्रणाली लागू होने से वाहनों की फिटनेस समेत दूसरी कमियां दुरुस्त रखनी होंगी। उन्नाव के एआरटीओ प्रवर्तन संजीव कुमार सिंह ने बताया कि ई-डिटेक्शन प्रणाली स्वचलित है और इसमें किसी प्रकार के मानवीय हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं होती है। वाहन टोल प्लाजा से गुजरेगा, तभी उसकी पूरी जानकारी सिस्टम में जांची जाएगी व नियम उल्लंघन पर ई-चालान स्वतः तैयार होकर वाहन मालिक के मोबाइल फोन नंबर पर पहुंच जाएगा।
उन्होंने बताया कि वाहन मालिकों व चालकों को इसके लिए जागरूक भी किया जा रहा है कि वे प्रपत्र ठीक रखें। आगरा से लखनऊ तक चारपहिया वाहनों का टोल टैक्स 665 रुपये, मिनी बस, मिनी ट्रक व हल्के व्यावसायिक वाहनों का 1045 रुपये, बस व ट्रक का 2100 रुपये निर्धारित है। यदि वाहन 24 घंटे में ही टोल से वापस लौटता है तो टैक्स में 25 प्रतिशत की छूट दी जाती है।
कमी व चालान की धनराशि (रुपये में)
- बीमा : 2000
- प्रदूषण : 10,000
- फिटनेस : पहली बार 5000 व दूसरी बार में 10,000
- परमिट : 10,000
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