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एमजीएम अस्पताल में Cancer Unit शुरू, आयुष्मान कार्ड पर होगा इलाज, बायोप्सी व कीमो की सुविधा

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एमजीएम का फाइल फोटो।


जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। कोल्हान प्रमंडल के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल, महात्मा गांधी मेमोरियल (एमजीएम) मेडिकल कॉलेज अस्पताल में कैंसर के मरीजों के लिए एक नए युग की शुरुआत हुई है। गुरुवार को अस्पताल परिसर में नई कैंसर यूनिट का उद्घाटन किया गया।    अब गंभीर बीमारियों से जूझ रहे आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को निजी अस्पतालों या दूसरे शहरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। यहां आयुष्‍मान कार्ड पर निश्‍शुल्‍क इलाज होगा।  
12 बेड की अत्याधुनिक यूनिट और आयुष्मान का सहारा एमजीएम की इस नई कैंसर यूनिट में फिलहाल 12 बेड की व्यवस्था की गई है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यहां आयुष्मान भारत योजना के तहत मरीजों को पूरी तरह मुफ्त इलाज मिलेगा।    अब तक सरकारी स्तर पर इस सुविधा के अभाव में मरीजों को रांची (रिम्स) रेफर किया जाता था, जिससे समय और धन दोनों की हानि होती थी।  
जांच से लेकर कीमोथेरेपी तक सब एक ही छत के नीचे

अस्पताल अधीक्षक डॉ. बलराम झा ने जानकारी दी कि अब एमजीएम में कैंसर का संपूर्ण इलाज संभव होगा। यूनिट की मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं:

  •     निदान (Diagnosis): बायोप्सी और पैथोलॉजी जांच की सुविधा यहीं उपलब्ध होगी।
  •     उपचार: मरीजों को कीमोथेरेपी दी जाएगी और जटिल कैंसर सर्जरी भी की जाएगी।
  •     विशेषज्ञ टीम: यूनिट की कमान विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. गुंजेश कुमार को सौंपी गई है, जिनके साथ 8 प्रशिक्षित नर्सों की टीम तैनात रहेगी। सर्जरी के लिए महिला एवं प्रसूति विभाग का भी सहयोग लिया जाएगा।  

ओडिशा और बंगाल के मरीजों को भी मिलेगा लाभ एमजीएम अस्पताल में न केवल पूर्वी सिंहभूम, बल्कि सरायकेला-खरसावां, पश्चिमी सिंहभूम और पड़ोसी राज्यों ओडिशा व पश्चिम बंगाल से भी बड़ी संख्या में मरीज आते हैं। एक अनुमान के अनुसार, कोल्हान क्षेत्र में हर वर्ष लगभग 3,000 नए कैंसर के मामले सामने आते हैं।   
सुपर स्पेशियलिटी के लिए हार्ट और न्यूरो यूनिट भी जल्द ऐसे में यह यूनिट इन हजारों परिवारों के लिए उम्मीद की नई किरण बनकर उभरी है। उद्घाटन समारोह के दौरान कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. संजय कुमार ने अस्पताल के भविष्य के रोडमैप पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि एमजीएम को सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल बनाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।  

  •     हार्ट यूनिट: कैथ लैब की स्थापना के साथ हृदय रोगों का इलाज जल्द शुरू होगा।  
  •     न्यूरो यूनिट: मस्तिष्क संबंधी बीमारियों के लिए अलग इकाई बनाई जा रही है।
  •     किडनी यूनिट: वर्तमान में डायलिसिस पीपीपी मोड पर है, लेकिन अस्पताल जल्द ही अपनी स्थायी डायलिसिस यूनिट स्थापित करेगा।  


यूनिट का उद्घाटन प्रिंसिपल डॉ. संजय कुमार और अधीक्षक डॉ. बलराम झा ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर पूर्व उपाधीक्षक डॉ. नकुल प्रसाद चौधरी, डॉ. शिखा रानी, डॉ. उमाशंकर सिंह, डॉ. विभूति भूषण सहित कई वरिष्ठ चिकित्सक उपस्थित थे।
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