नए मठों के निर्माण पर रोक। (जागरण)
नीरज कुमार, गयाजी। अंतरराष्ट्रीय स्थल और ज्ञान की भूमि बोधगया में बौद्ध धर्मालंबियों का विशेष धर्म स्थल है। दुनिया के अलग-अलग देशों में बौद्ध के अनुयायियों के लिए बोधगया में मोनिस्ट्री का निर्माण पूर्व में कराया गया।
बोधगया आने वाले विदेशी श्रद्धालुओं के लिए मोनिस्ट्री में बना था। लेकिन इधर एक दशक से मोनिस्ट्री व्यापार और बाजार का केंद्र बिंदु बन गया है। इसका सीधा असर बोधगया के होटल, बाजार, टूर एंड ट्रैवल्स सहित अन्य क्षेत्रों में पड़ा है।
मोनिस्ट्री में बड़े पैमाने पर अनियमितता की शिकायत मिलने पर बोधगया मंदिर प्रबंधकारिणी समिति के अध्यक्ष सह जिला पदाधिकारी शंशाक शुभंकर ने पांच सदस्यीय जांच कमेटी गठित किए हैं।
जांच कमेटी को पत्र निर्गत के 30 दिनों के अंदर अपनी जांच रिपोर्ट देनी है। जांच कमेटी मोनिस्ट्री में कमरों की संख्या, आवासन व्यवस्था, विदेशी मुद्रा विनियमन, व्यासियक उपयोग, वाणिज्य कर, सेवा कर, नगर परिषद बोधगया से नक्शा की स्वीकृति, विदेशी नागरिकों की सूचना और वीजा सत्यापन आदि के नियम व कानूनों का अनुपालन में बरती जा रही अनियमितता एवं अन्य अनियमितता आदि विषयों की जांच करेगी।
जांच कमेटी का पत्र सात फरवरी 2026 को निर्गत है। कमेटी को सात मार्च 2026 तक जांच रिपोर्ट सौंपना है। जानकारी हो कि वर्ष 2016 में भी मोनिस्ट्री में अनियमितता की शिकायत पर मुख्य सचिव बिहार की अध्यक्षता में बैठक हुई थी।
उस बैठक के हवाला देकर पुन: जांच कमेटी बनाया गया है। इसमें अपर समाहर्ता विधि व्यवस्था को अध्यक्ष, अनुमंडल पदाधिकारी सदर, कार्यपालक पदाधिकारी नगर परिषद बोधगया एवं अंचलाधिकारी बोधगया को सदस्य बनाया गया है।
माेनिस्ट्री सहित सभी तरह के नये निर्माण को परिषद से नहीं पारित होता नक्शा
नगर परिषद बोधगया के अधिकारी बताते है कि वर्ष 2016 के बाद बोधगया नगर परिषद से किसी भी तरह का नक्शा पारित नहीं होता है। बिना नक्शा के बोधगया में बड़े पैमाने पर होटलों का निर्माण हुआ है।
2016 के बाद बने होटल, रेस्ता एवं मोनिस्ट्री द्वारा कोई नक्शा नगर परिषद बोधगया से पास नहीं कराया गया है। बिना नक्शा के बड़े पैमाने पर विदेशी मोनिस्ट्री और होटल का निर्माण हुआ है। इसमें केवल मोनिस्ट्री की जांच का आदेश दिया गया है।
नगर परिषद बोधगया में पंजीकृत है मात्र 55 माेनिस्ट्री
बीटीएमसी अध्यक्ष सह डीएम शशांक शुभंकर बताते है कि नगर परिषद बोधगया से केवल 55 मोनिस्ट्री ही नक्शा पारित कराकर निर्माण कराएं हैं। 55 मोनिस्ट्री का निर्धारित टैक्स नगर परिषद बोधगया में जमा होता है। लेकिन एक दशक बाद 2026 में इनकी संख्या बढ़कर करीब 150 हो गई है।
डीएम ने कहा कि मोनिस्ट्री के नये निर्माण पर रोक लगा दी गई है। बोधगया के हर क्षेत्र, मोहल्ला व गली में मोनिस्ट्री खुला है। जहां कई तरह की शिकायतें मिली है। इसके लिए जांच कमेटी गठित की गई है।
डीएम ने कहा कि नगर परिषद बाेधगया से पुन: नक्शा पारित कराने की प्रक्रिया शुरु करने के लिए नगर विकास एवं आवास विभाग से बातचीत की गई है। इसी वर्ष नगर परिषद बोधगया से नक्शा पारित कराने का आदेश जारी किया जाएगा।
मोनिस्ट्री को व्यवसायिक क्षेत्र बनाने पर न्यायालय में चल रहा मामला
बोधगया होटल एसोसिएशन द्वारा धार्मिक स्थल मोनिस्ट्री में व्यवसायिक केंद्र बनाएं जाने पर पटना उच्च न्यायालय में मामला चल रहा है। इसमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि मोनिस्ट्री को पूरी तरह व्यवसायिककरण कर दिया गया है, जो पूरी तरह गलत है।
होटल व्यवसायी कहते है कि मोनिस्ट्री में ठहरने वाले विदेशी पर्यटक को सभी तरह की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती है।विदेशी मुद्रा पर विनियम मोनिस्ट्री में होता है। इससे बोधगया में बने होटल सहित अन्य बाजार को भारी नुकसान का सामना करना है। इसके बाद भी डीएम ने जांच के आदेश दिए है।
इन बौद्ध देशों के मोनिस्ट्री
जानकार बताते है कि बोधगया में जापान, म्यांमार, थाइलैंड, नेपाल, वियतनाम, भूटान और तिब्बत देशों का है। इनमें सबसे अधिक थाइलैंड का मोनिस्ट्री है।
बोधगया मोनिस्ट्री में अनियमितता की शिकायत और स्थानीय होटल एसोसिएशन द्वारा पटना उच्च न्यायालय में वर्ष 2016 में दर्ज कराएं थे। अनियमितता की जांच के लिए कमेटी गठित है। इसमें कई बिंदुओं को रेखांकित करते हुए जांच के आदेश दिए गए हैं। 30 दिनों में जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। बोधगया में माेनिस्ट्री के नये निर्माण पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। नगर परिषद बोधगया से वर्ष 2016 से नक्शा पारित नहीं हो रहा है। उसे पुन: शुरु कराने के लिए पहल की गई है। -
शशांक शुभंकर, डीएम सह अध्यक्ष बीटीएमसी, गया। |
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