सांकेतिक तस्वीर।
जागरण संवाददाता, अलीगढ़। नगर निगम की भूमि के साथ अनियमितता, फर्जीवाड़ा करने और पद का दुरूपयोग करने का प्रकरण सामने आया है। साथ ही सार्वजनिक हित की लगभग 18 करोड़ रुपये की भूमि को निजी पक्षों के नाम करने की पुष्टि भी नगर निगम ने कर ली है।
इससे निगम को बड़ी आर्थिक क्षति भी हुई है। इस गंभीर प्रकरण में मंगलवार को कार्रवाई की गई। इसमें नगर निगम के पूर्व अवर अभियंता (जेई) गयूर अहमद की संलिप्तता पाते हुए उनके विरुद्ध थाना सिविल लाइन में मुकदमा पंजीकृत कराया गया है।
सरकारी भूमि के साथ फर्जीवाड़ा, पद के दुरुपयोग पर की गई कार्रवाई
नगर निगम अलीगढ़ में तैनात रहे पूर्व अवर अभियंता गयूर के विरुद्ध नगर निगम के संपत्ति विभाग द्वारा मुकदमा की तहरीर दी गई थी। सहायक नगर आयुक्त वीर सिंह ने बताया कि कोल स्थित नगर निगम की अधिग्रहीत सार्वजनिक भूमि से संबंधित एक गंभीर प्रकरण आया है, जिसमें अभिलेखीय परीक्षण, न्यायालयी वादों एवं उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर विस्तृत तथ्य सामने आए हैं। नगर निगम प्रशासन द्वारा प्रकरण का परीक्षण कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।
सार्वजनिक हित की भूमि को निजी पक्षों को दी, विस्तृत जांच भी शुरू
सहायक नगर आयुक्त वीर सिंह ने बताया कि उपलब्ध अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1946-47 में नगर निगम सीमा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कस्बा कोल में ट्रेंचिंग ग्राउंड के लिए गाटा संख्या 2328, 2329, 2342, 3280, 3281, 3315, 109, 110 एवं 190 कुल 31 बीघा 13 बिसवा भूमि का अधिग्रहण किया गया था। वर्ष 1949 में भूमि का एवार्ड घोषित किया गया। उक्त भूमि को ट्रेंचिंग ग्राउंड के रूप में राजस्व अभिलेखों में 30 सितंबर 2004 को अंकित किया गया।
सहायक नगर आयुक्त वीर सिंह ने बताया कि नगर निगम प्रशासन ने प्रकरण पर संबंधित अभिलेखों, न्यायालयी आदेशों एवं जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच भी शुरू कर दी है। मामले को विधिक परीक्षण के लिए अग्रसारित किया गया है। सक्षम स्तर पर आपराधिक कार्यवाही के लिए संस्तुति की जा रही है।
इस प्रकरण में विस्तृत जांच की जा रही है। उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित होगी। यदि किसी अन्य अधिकारी या व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके विरुद्ध भी मुकदमा पंजीकृत कराया जाएगा। -
प्रेम प्रकाश मीणा, नगर आयुक्त। |