राज्य ब्यूरो, लखनऊ। क्या आपके घर में शौचालय है? पीने का पानी कहां से आता है? रसोई अलग है या नहीं? एलपीजी सिलेंडर का उपयोग होता है या नहीं?
परिवार के पास कुल कितने कमरे हैं? ऐसे ही कुल 33 महत्वपूर्ण सवाल जल्द ही आपके दरवाजे पर दस्तक देंगे। यह सिर्फ औपचारिक पूछताछ नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों की योजनाओं, बजट और विकास की प्राथमिकताओं की बुनियाद है।
खास बात यह है कि जनगणना-2027 पूरी तरह डिजिटल होगी और अगर आप अपना मोबाइल नंबर दर्ज कराते हैं तो जनगणना पूरी होते ही आपके फोन पर पुष्टि का मैसेज भी आएगा।
इन सवालों का उत्तर सही और पूर्ण रूप से देना अनिवार्य होगा। इसी क्रम में 27 जिलों के 285 मास्टर ट्रेनरों का चार दिवसीय विशेष आवासीय प्रशिक्षण 17 से 20 फरवरी तक राज्य स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संस्थान लखनऊ में शुरू कर दिया गया है।
जनगणना-2027 को पूरी तरह डिजिटल, सुरक्षित और समयबद्ध बनाने के लिए प्रदेश में तैयारी है। प्रदेश में 22 मई से 20 जून तक प्रस्तावित जनगणना से पहले सात से 21 मई तक स्वगणना की सुविधा भी दी जाएगी। मंगलवार से शुरू पहले चरण में आठ राष्ट्रीय प्रशिक्षक मास्टर ट्रेनर को डिजिटल जनगणना के लिए प्रशिक्षण दे रहे हैं।
इस चरण में आगरा, अलीगढ़, अमरोहा, बागपत, गाजियाबाद, बलिया, बिजनौर, बुलंदशहर, चंदौली, देवरिया, गौतम बुद्ध नगर, गाजीपुर, हापुड़, हाथरस, झांसी, ललितपुर, मथुरा, मऊ, मेरठ, मुरादाबाद, मुजफ्फरनगर, रामपुर, सहारनपुर, संभल, शामली, सोनभद्र और वाराणसी के प्रतिनिधि शामिल हैं। अगले चरण में अन्य जिलों के मास्टर ट्रेनर को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
प्रशिक्षण में एचएलओ (हाउस लिस्टिंग आपरेशन) के 33 प्रश्नों, एचएलओ एप, पोर्टल के उपयोग, डेटा सुरक्षा प्रोटोकाल और जनगणना अधिनियम-1948 की धाराओं पर विशेष फोकस रहा।
फील्ड विजिट और गतिविधियों के जरिये व्यावहारिक अभ्यास भी कराया गया। पहले चरण में मकान नंबर, मुखिया का नाम, परिवार में उपलब्ध सुविधाएं, परिसंपत्तियां आदि से संबंधित सवाल पूछे जाएंगे।
राजकीय पालिटेक्निक, आइटीआइ, राजकीय कालेज, डायट और महाविद्यालयों के शिक्षक व अधिकारी बतौर मास्टर ट्रेनर अब जिलों में फील्ड ट्रेनर, प्रगणक और पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षित करेंगे।
प्रशिक्षण का उद्घाटन निदेशक एवं मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी शीतल वर्मा ने किया। इस अवसर पर विशेष सचिव एवं नोडल अधिकारी (जनगणना) जुहैर बिन सगीर, संयुक्त निदेशक एके राय और अर्चना वर्मा, उपनिदेशक डा. मोहित कुमार सिंह, कोर्स कोआर्डिनेटर डा. महेश नाथ सिंह, डा. मनीष सिंह शामिल रहे। |