राज्य ब्यूरो, लखनऊ। उत्तर प्रदेश में चल रहे विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसआइआर) अभियान को लेकर उठ रहे सवालों के बीच मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने अलीगंज स्थित उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी में आयोजित प्रशिक्षण कार्यशाला के दौरान मंगलवार को प्रेस वार्ता कर कहा कि मतदाता सूची से नाम काटने या जोड़ने की प्रक्रिया पूरी तरह कानूनी प्रविधानों के तहत की जा रही है।
समाजवादी पार्टी द्वारा अज्ञात लोगों से फार्म-7 भरवाकर वोट काटने के आरोप पर कहा कि नाम पहले लिखा जाता है। अज्ञात बनकर कोई फार्म नहीं भर सकता।
रिणवा ने बलिया के सिकंदरपुर के विधायक की पत्नी का वोट काटने के आरोप को गलत बताया। साथ ही बस्ती, विधुना, बाबागंज, सकलडीहा और प्रतापगढ़ में वोट कटने के आरोपों का भी खंडन किया। बस्ती में एक स्थान पर सौ से ज्यादा वोट काटे जाने के सवाल पर कहा कि वहां सिंगल डिजिट में वोट कटे हैं।
पहले सत्र में रिणवा ने छह जिलाधिकारियों समेत 55 उप जिलाधिकारियों की प्रशिक्षण कार्यशाला को संबोधित किया। बताया कि एसआइआर से पहले एक बार अधिकारियों का प्रशिक्षण किया गया, लेकिन तब से अब तक बड़ी संख्या में अधिकारियों की नए पदों पर पोस्टिंग हो गई, ऐसे में उन्हें फिर से प्रशिक्षित करना पड़ रहा।
कहा कि प्रशिक्षण के बाद अधिकारियों की परीक्षा भी होगी। रिणवा ने एसआआर में गड़बड़ियों की चर्चा पर कहा कि फार्म जनता, बूथ लेवल अधिकारी या राजनीतिक दलों के अधिकृत एजेंटों द्वारा जमा किए जा रहे हैं।
फार्म-6 की सूची तैयार कर फार्म-10 के तहत नोटिस बोर्ड पर चस्पा कर इसे आनलाइन भी मेंटेन किया जा रहा है। किसी निर्वाचक को आपत्ति करने का अधिकार है। फार्म-7 में आवेदक को इपिक नंबर, आपत्ति का कारण और संबंधित मतदाता का विवरण देना अनिवार्य है।
रिणवा ने स्पष्ट किया कि किसी का नाम मतदाता सूची से हटाने से पहले दोनों पक्षों को नोटिस जारी किया जाता है। बिना सुनवाई के नाम नहीं काटा जाता।
उन्होंने कहा कि फार्म कोई भी छाप सकता है, इसमें होलोग्राम जैसी कोई विशेष व्यवस्था नहीं है क्योंकि यह प्रशासनिक नहीं, बल्कि कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है, जो वेबसाइट पर सार्वजनिक है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि अब तक राजनीतिक दलों के साथ पांच बैठकें की जा चुकी हैं। बताया कि बुधवार को समाजवादी पार्टी (सपा) के डेलीगेशन को मिलने का समय दिया गया है।
रिणवा ने कहा कि विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कोई नई प्रक्रिया नहीं है। हर वर्ष ड्राफ्ट रोल प्रकाशित होता है, जिसमें त्रुटियां होने पर फार्म-6 के माध्यम से नाम जुड़वाए जाते हैं। |
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