search

खतरों को भांपने से खुफिया इनपुट जुटाने तक... अब सेना को हाईटेक बना रहा AI

LHC0088 1 hour(s) ago views 927
  

(यह तस्वीर AI से बनाई गई है)



संजय मिश्र, नई दिल्ली। वैश्विक भू-राजनीतिक उथल-पुथल के दौर में आधुनिक युद्ध के स्वरूप भी तेजी से बदल रहे हैं जिसमें हाइटेक हथियारों के साथ सेनाओं के लिए एआई अब सामरिक ऑपरेशनल तैयारियों का अहम हिस्सा बन गया है।

ऐसे में इन चुनौतियों के अनुरूप भारतीय सेना भी संभावित सामरिक खतरों को भांपने, खुफिया इनपुट जुटाने से लेकर पुराने हथियारों को वर्तमान जरूरतों के हिसाब से अपग्रेड करने में एआई का बखूबी इस्तेमाल कर रही है।
भारतीय सेना AI से सामरिक खतरों को भांप रही है

एआई अब सैन्य की आपरेशनल तैयारियों का अपरिहार्य हिस्सा ही नहीं बन गया बल्कि वर्तमान हथियारों के प्रभावी तथा सटीक इस्तेमाल में भी इसकी अहम भूमिका हो गई है।

एआई इंपैक्ट समिट 2026 के दौरान भारतीय सेना के लिए इंजीनियरिंग सहायता-किल चेन को स्मार्ट बनाने विषय पर बुधवार को हुए एक सेमिनार के दौरान एआई की युद्ध क्षेत्र में बढ़ती अहमियत की ये बातें सामने आयी।

सेना के ईएमई कोर के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल राजीव कुमार साहनी ने इस मौके पर रक्षा उद्योग जगत को सामरिक उपकरणों के निर्माण में एआई के उपयोग पर जोर दिया ताकि इसके जरिए सैन्य आपरेशनल लक्ष्यों को अधिकतम सटीक बनाया जा सके।

एआई से सेंसर डेटा के बड़े वाल्यूम को कार्रवाई रणनीति के इनपुट के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है। इतना ही नहीं एआई के जरिए नए खतरों का अनुमान लगाने के साथ पुरानी हथियार प्रणालियों को त्वरित डेटा इनेबल्ड प्लेटफा‌र्म्स में अपग्रेड किया जा सकता है।
पुराने हथियारों को AI से अपग्रेड किया जा रहा है

लेफ्टिनेट जनरल साहनी ने आपरेशनल लाजिस्टिक्स को ऊर्जा देने के लिए एडवांस्ड विश्लेषण और प्रेडिक्टिव इंटरवेंशन के माध्यम से इंजीनियरिंग सहायता को तीव्र बनाने पर जोर देते दिया।

साथ ही भविष्य के युद्धों में अहम बढ़त हासिल करने के लिए अनमैंड एरियल सिस्टम, काउंटर अनमैंड एरियल सिस्टम और रोबोटिक प्लेटफार्म में एआई के समायोजन की जरूरत भी बताई।

सेमिनार में सेना के शीर्ष अधिकारियों के साथ रक्षा उद्योग क्षेत्र के वरिष्ठ प्रतिनिधियों के साथ विशेषज्ञों ने भी हिस्सा लिया।

ताकि यह देखा जा सके कि एआई पुराने प्लेटफा‌र्म्स को स्मार्ट बनाने, प्रेडिक्टिव मेंटेनेंस और एआई इनेबल्ड लाजिस्टिक्स के जरिए हथियारों-उपकरणों की तैयारी को कैसे बढ़ा सकता है। जिससे सेना के किल चेन में आपरेशनल सटीकता, गति और लक्ष्य हासिल करने में प्रभावी सुधार हो।
AI सैन्य अभियानों की सटीकता और गति बढ़ाएगा

इस दौरान मजबूत डेटा पाइपलाइन, एनालिटिक्स और एआई लेयर, खराबी का अंदाजा लगाने और रिपेयर साइकिल को अधिकतम प्रभावी बनाने के लिए एआई इनेबल्ड प्रेडिक्टिव और प्रिस्कि्रप्टिव मेंटेनेंस की बात कही गई।

वहीं सेमिनार में शामिल विशेषज्ञों ने एआई इंजीनियरिंग और लाजिस्टिक्स सिस्टम में इंटेलिजेंस को समाहित कर किल चेन हर स्टेज को डिटेक्शन और डिप्लायमेंट से लेकर रिकवरी और रिडिप्लायमेंट तक कैसे मजबूत कर सकता है इस पर चर्चा की।

ताकि उपकरणों की उपलब्धता और आपरेशनल तैयारी आपरेशनल इरादे के साथ बनी रहे। उपकरणों के हेल्थ डैशबोर्ड को कमांड निर्णय लूप में इंटीग्रेट करने पर भी जोर दिया गया ताकि फार्मेशन में तैयारी की रियल टाइम विजिबिलिटी के जरिए लड़ाई की जानकारी बेहतर हो सके।

इस दौरान राष्ट्रीय एआई प्राथमिकता से तालमेल बिठाते हुए टेक्नोलाजिकल आधुनिकीकरण, स्वदेशी इनोवेशन और बेहतर आपरेशनल नतीजों के लिए सेना की जरूरतों को पूरा करने की प्रतिबद्धता भी जताई गई।

सेमिनार में टाटा एलेक्सी के बिस्वजीत बिस्वास, डेलाइट इंडिया के श्रीराम अनंतशयनम और इंडियन इंस्टीट्यूट आफ साइंस के प्रोफेसर शशिकुमार गणेशन जैसे इस क्षेत्र के विशेषज्ञ प्रमुख लोग भी मौजूद थे।
like (0)
LHC0088Forum Veteran

Post a reply

loginto write comments
LHC0088

He hasn't introduced himself yet.

510K

Threads

0

Posts

1610K

Credits

Forum Veteran

Credits
161984